Wednesday, December 9, 2020

भारतीय इंजीनियर ने बनाई 'वर्क फ्रॉम होम ऐप', हर उम्र के व्यक्ति के आएगी काम

आज वर्क फ्रॉम होम (work from home) हमारे लिए 'न्यू नॉॅर्मल' (new normel) बन चुका है। भविष्य में कोरोना महामारी (corona pandemic) से मुक्त होने के बाद भी शायद यह हमारी कार्यशैली का अभिन्न अंग बना रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय मूल के युवा इंजीनियर्स की एक आंत्रप्रिन्योर टीम ने बेहद खास ऐप विकसित की है। मीट ऑवर (meethour) नाम की यह फ्रेंडली वीडियो कॉन्फ्रेंस ऐप (video conference app) विशेष रूप से वर्क फ्रॉम होम के कल्चर को ध्यान में रखकर विकसित की गई है जिसे 9 साल के बच्चे से 90 साल के बुजुर्ग भी आसानी से ऑपरेट कर सकते हैं। यह ऐप वर्तमान में वीडियो कांफ्रेंस के लिए इस्तेमाल होने वाली जूम ऐप (zoom app), गूगल मीट (google meet) या अन्य वीसी ऐप्स के जैसी ही है। उपयोग में आसान यह ऐप स्कूली छात्रों से लेकर युवाओं तक और बुजुर्गों से लेकर संस्थानों तक समय की बचत और असीमित मुफ्त उपयोग की सुविधा देती है।

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न डाउनलोड का झंझट न साइन-अप का
इस ऐप को बनाने वाले सह-संस्थापक शुकूर अहमद ने बताया कि उनका ध्यान इस ऐप को ज्यादा से ज्यादा आबादी के उपयोग के लिए डिजाइन करना था। अमरीका के मैरीलैंड स्थित प्रौद्योगिकी उद्यमी और एंजल निवेशक, राजन नटराजन, विजय वीरप्पन और शोएब अहमद भाी इस टीम का हिस्सा हैं। टीम के चीफ टेक्नालॉजी ऑफिसर शोएब अहमद की सोच की उपज इस ऐप को अन्य वीसी ऐप्स की तरह प्ले स्टोर (google play store) या आइओएस स्टोर (ios app store) से डाउनलोड नहीं करना पड़ता न ही इसके उपयोग से पहले किसी कम्प्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन से साइन-अप करना पड़ता है। इसमें स्मार्ट फोन पर जुड़ने के लिए केवल एक डाउनलोड की आवश्यकता होती है।

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अनलिमिटेड कॉल की सुविधा
मीट ऑवर उपयोगकर्ताओं को घंटों वीडियो कॉल की सुविधा देता है। जबकि जूम ऐप पर केवल 45 मिनट्स की फ्री मुफ्त कॉन्फ्रेंस संभव है। इसी कमी को दूर करने में टीम के साथी नटराजन ने मदद की जो वर्तमान में मैरीलैंड प्रशासन में उप-सचिव के रूप में कार्य करते हैं। अब मैरीलैंड और उसके आस-पास के क्षेत्रों में लोग कोरोना काल में संक्रमण से बचते हुए दूर रह रहे अपने परिजनों से घंटो बात करने के लिए इस ऐप का उपयोग कर रहे हैं। चर्च में सामूहिक प्रार्थनाओं, स्कूलों, गैर-लाभकारी संस्थाओं, कंपनियों और निजी उपयोग में भी इस ऐप को खूब पसंद किया जा रहा है। यहां तक की अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के समय स्थानीय स्तर पर समर्थकों को जोड़ने के लिए भी इस ऐप का उपयोग किया गया। इस ऐप का एक अधिक एडवांस लेकिन पेड वर्जन भी उपलब्ध है।

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100 तक हो सकती है प्रतिभागियों की संख्या
शुकूर ने बताया कि उनके पास अभी इस ऐप में updation करने के कई विकल्प हैं। इनमें सबसे ऊपर है ऐप के माध्यम से पार्टिसिपेट करने वालों की संख्या को 50 से बढ़ाकर 100 तक ले जाने की। इसका एक कारण यह भी है कि जूम, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट (zoom, google and microsoft) अभी अपने यूजर को यह सुविधा नहीं दे रहे हैं। ऐसे में हम ऐसा करके उनसे आगे निकल सकते हैं। इसके अलावा हम ऐप का इस्तेमाल कर रहे लोगों से भी फीडबैक ले रहे हैं और उनके बताए सुझावों के आधार पर इसमें अपडेशन भी कर रहे हैं। टीम का कहना है कि ज्यादातर लोगों को हमारे ऐप का भाषा विकल्प पसंद आएंगा।

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वर्तमान में शुकूर और उनके साथी इस ऐप को निजी कस्टमर, घर पर उपयोग के लिए, स्कूल की ऑनलाइन कक्षाओं, व्यवसायों, सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और कानूनी फर्मों की एक लंबी उपभोक्ता सूची के लिए ज्यादा अनुकूल बनाने पर काम कर रहे हैं। अमरीका के अलावा, मध्य पूर्व और भारत में भी लोग इस ऐप के मुफ्त संस्करण का उपयोग कर रहे हैं।

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