Sunday, May 3, 2020

महिला सुरक्षा के लिए ही हैं ये खास ऐप

ईआरएसएस 112 इंडिया
इमरजेंसी रेस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस or ERSS 112 INDIA) 112 इंडिया का एक हिस्सा केंद्र सरकार की महिला सुरक्षा के लिए एक खास पहल है। यह संकट में महिलाओं को स्थानीय आपातकालीन सेवा वितरण विभागों और स्वयंसेवकों की सहायता लेने में मदद करती है। ऐप उपयोगकर्ता के विवरण, नाम, आयु और आपातकालीन संपर्क एवं स्थान की जानकारी के साथ इमरजेंसी अलर्ट भेजता है। साथ ही राज्य के आपातकालीन नियंत्रण कक्ष और महिला द्वारा चुने गए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को 112 नंबर से कॉल करता है। यह सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे कुशल और प्रभावी रेस्पॉन्स सिस्टम है जो किसी भी आपात स्थिति में समय पर मदद पहुंचाने के लिए ही बना है। यह खास ऐप आस-पास के ऑनलाइन स्थानीय स्वयंसेवकों को भी इमरजेंसी की चेतावनी देता है। आपको बस गूगल ऐप स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड कर ऐप के नेटवर्क पर खुद को रजिस्टर करना होगा।

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दिल्ली पुलिस का 'हिम्मत' ऐप
दिल्ली पुलिस के दिमाग की उपज यह 'हिम्मत' ऐप दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए है। इसके लिए आपको दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होगाए जिसके पूरा होने पर आपको एक ओटीपी प्राप्त होगा। डिवाइस पर ऐप को कॉन्फिगर करने के लिए इसे दर्ज करना जरूरी है। यदि कोई महिला परेशानी में है तो वह ऐप से एक एसओएस अलर्ट भेज सकती है, जो तुरंत उसके लाइव स्थान और आसपास के ऑडियो-विजुअल जानकारी को कैप्चर करता है और इसे दिल्ली पुलिस के नियंत्रण कक्ष को भेजता है। इसके बाद, शहर के निकटतम पुलिस स्टेशन को सतर्क किया जाता है और महिला को मदद भेजी जाती है।

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आभूषण जैसा डिवाइस 'सेफर'
सुरक्षा के लिए पोर्टेबल सेफ्टी डिवाइस बनाने वाली टेक कंपनी लीफ वेयरएबल्स का बनाया आभूषण जैसा दिखने वाला यह खास 'सेफर' डिवाइस इमरजेंसी में बहुत काम आ सकता है। इसमें लगे अलार्म को दबाकर इमरजेंसी में महिलाएं पूर्व में चुने गए चुनिंदा मोबाइल नंबर्स, पुलिस और आसपास के डिवाइस यूजर को संदेश भेज सकते हैं। यह जंग-प्रूफ है और इस पर स्क्रेच भी नहीं आते। इसे लॉकेट या नेकलेस की तरह गले में लटकाया जा सकता है जिसमें एक रंगीन सेमी-प्रिशियस स्टोन जड़ा होता है। इसी स्टोन के नीचे डिवाइस का सुरक्षा तंत्र फिट होता है। यह डिवाइस एक स्मार्टफोन एप्लिकेशन से यूजर के मोबाइल से जुड़ा होता है। 40 ग्राम से भी कम वजन के इस डिवाइस को 15 मिनट चार्ज करने पर यह सात दिनों तक बैट्री बैकअप देता है।

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'लेट्स ट्रैक' से रहे अपनों की नजरों में
इस ट्रैकिंग डिवाइस को बैग में, पैंट या कैरी बैग में भी रखा जा सकता है्र। इसे बेल्ट के साथ भी बांध सकते हैं। यह आपकेबाहर निकलने के बीते 24 घंटे की तमाम लोकेशन हिस्ट्री, फ्री इंटीग्रेटेड चैट-ट्रैकिंग ऐप जैसे उपकरणों के साथ कनेक्ट रहकर एसओएस अलार्म, रियल टाइम ट्रैकिंग, सैेलाइट व्यू और ऐसी ही अन्य सुविधाएं देता है जिससे आप हमेशा अपनों की नजरोंमें बनी रहती हैं।

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Saturday, May 2, 2020

महिला सुरक्षा के लिए खास डिवाइस है 'माय बडी'

महिलाओं की सुरक्षा के लिए अब ऑनलाइन दर्जनों ऐसे गैजेट्स और ऐप मौजूद हैं जो हर समय हमें अपनों की सुरक्षा में रखते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार अकेले दिल्ली में हीसाल 2017 में महिलाओं के खिलाफ 11,542 मामले दर्ज हुए, यानि प्रतिदिन लगभग 32 मामले और प्रति घंटे एक अपराध महिलाओं के खिलाफ ही हुआ। इसलिए तकनीक और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) की मदद से कुछ खास ऐप और गैजेट खास महिलाओं के लिए ही बनाए गए हैं। इन्हीं में से एक है ऑप्टी सेफ का बनाया 'माय बड्डी'। इस खास उपकरण को आपात स्थिति में जरूरत पडऩे पर आसानी से उपयोग के लिए जेब या बैग में रखा जा सकता है। मुसीबत के समय आपको डिवाइस से जुड़े लोगों तक संदेश भेजने और आस-पास मौजूद लोगों को मदद के लिए बुलाने के लिए केवल इसमें लगे ट्रिगर को दबाकर सायरन बजाना होगा। इस डिवाइस में एक परफेक्ट ट्रैकिंग सिस्टम भी है। संकट के समय उपकरण 'एसओएस' संदेश आपके चुने गए तीन अलग-अलग नंबरों पर भेजता है। इसे स्मार्टफोन से भी जोड़ा जा सकता है। इतना ही नहीं यह लाइव ट्रैकिंग लोकेशन भी भेजता है।

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