मोबाइल में वायरस की समस्या आम है। अगर हम कोई गलत एप अपने स्मार्टफोन में ओपन कर लेते हैं, तो उसके जरिए वायरस आपके मोबाइल में आ जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैंं। कई बार ये वायरस स्मार्टफोन और यूजर्स के डाटा के लिए खतरनाक साबित होते हैं। ऐसे में साइबर सिक्योरिटी एजेंसियां अक्सर हमें गूगल प्ले-स्टोर (Google Play Store) से ही एप डाउनलोड करने का सुझाव देती हैं। गूगल प्ले स्टोर तक पहुंचने के लिए एप्स को कई सिक्योटी जांच से गुजरना पड़ता है। ऐस में में प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करना सुरक्षित माना जाता है। अब आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हाल ही क सर्वे में पता लगा है कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन में सबसे ज्यादा मैलवेयर और वायरस गूगल प्ले-स्टोर से ही पहुंचते हैं।
67.2 एप्स मैलवेयर वाहक
हाल ही NortonLifeLock और IMDEA सॉफ्टवेयर इंस्टीट्यूट ने एक सर्वे किया। इस सर्वे में खुलासा हुआ है कि फोन में वायरस पहुंचाने का सबसे बड़ा सोर्स गूगल प्ले-स्टोर ही है। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल प्ले-स्टोर पर 67.2 फीसदी में किसी-ना-किसी तरह के मैलवेयर होते हैं। इसका मतलब है कि गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किए जाने वाले 67.2 एप्स मैलवेयर वाहक हैं।
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सर्वे में की गई 7.9 मिलियन एप्स की स्टडी
रिपोर्ट के अनुसार, इस सर्वे में जून—सितंबर 2019 के बीच 7.9 मिलियन एप्स और 12 मिलियन एंड्रॉयड डिवाइसेज की स्टडी की कई। लगातार 4 महीने के अध्ययन के बाद रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, थर्ड पार्टी सोर्स के जरिए सिर्फ 10.4 फीसदी एंड्रॉयड डिवाइस में ही मैलवेयर पहुंचते हैं।
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87.2 फीसदी एंड्रॉयड एप डाउनलोड होते हैं प्ले स्टोर से
इस स्टडी में अध्ययन में पता चला कि 87.2 फीसदी एंड्रॉयड एप्स गूगल के प्ले-स्टोर से डाउनलोड होते हैं। इनमें से 67.5 फीसदी एप्स मैलवेयर वाले होते हैं। इस स्टडी में गूगल प्ले-स्टोर, अल्टरनेटिव मार्केट, वेब ब्राउजर, पे पर इंस्टॉल प्रोग्राम, मैसेज और अन्य सोर्स से डाउनलोड किए गए एंड्रॉयड एप्स को शामिल किया गया था।
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