Thursday, July 29, 2021

नवाचार : ब्रेन-कम्प्यूटर इंटरफेस की नई तकनीक से Paralysis का इलाज होगा आसान

यूएस में एक ब्रेन-कम्प्यूटर इंटरफेस कंपनी सिर में प्रत्यारोपण के लिए क्लीनिकल ट्रायल करने जा रही है। भविष्य में उपकरणों को मस्तिष्क के भीतर डालने की दिशा में यह बड़ा कदम है। इससे पक्षाघात जैसी बीमारियों के इलाज में मदद मिलेगी। न्यूयॉर्क स्थित सिंक्रोन इंक का कहना है कि उसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) से इंसानों पर अपने उपकरणों के परीक्षण की अनुमति मिल गई है। सिंक्रोन ने एलन मस्क के न्यूरालिंक समेत अन्य कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए यह घोषणा की है। वाणिज्यिक ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस एफडीए के लिए अपेक्षाकृत नया क्षेत्र है। उद्यमी पूंजीपति अचानक ही प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए उत्सुक हैं। रिसर्च फर्म पिचबुक के मुताबिक, ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस स्टार्टअप्स ने इस साल अब तक 133 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।

यह पिछले सभी वर्षों में जुटाई गई पूंजी से अधिक है। 2017 में एक साल में न्यूरालिंक ने 107 मिलियन डॉलर जुटाए थे। सिंक्रोन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थॉमस ऑक्सले कहते हैं कि सुरक्षा सम्बंधी कई चिंताएं हैं, जिनसे पहले निपटा नहीं गया है। हमारे लिए सुरक्षा प्राथमिकता है। कंपनी मस्तिष्क में स्टेंट्रोड नामक एक उपकरण रखने की योजना बना रही है, जो माचिस की तीली से छोटा है। इससे लकवाग्रस्त रोगियों को अपने विचारों को डिजिटल उपकरणों के जरिए नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। कई अन्य इम्पलांटेड ब्रेन-कम्यूटर इंटरफेस के विपरीत, जिसमें मस्तिष्क की सर्जरी की आवश्यकता होती है, स्टेंट्रोड डिवाइस को गर्दन पर एक रक्तवाहिका के माध्यम से प्रत्यारोपित किया जाता है। सिंक्रोन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और न्यूयॉर्क में माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ. जे मोक्को का अनुमान है कि सिंक्रोन डिवाइस तीन से पांच वर्ष में बाजार में आ सकती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2WrzlTC

Apple ने दी अपने यूज़र्स को वॉर्निंग, कहा तुरंत अपडेट करें अपने डिवाइस

नई दिल्ली। ऐप्पल (Apple) दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है। स्मार्टफोन्स, टेबलेट, कंप्यूटर, स्मार्टवाॅच और कई ऐसे गैजेट्स हैं जो ऐप्पल कंपनी बनती हैं। ऐप्पल के डिवाइसेज़ के दुनियाभर में यूज़र्स हैं। ऐसे में ऐप्पल की कोशिश रहती है कि अपने यूज़र्स को ज़्यादा से ज़्यादा फीचर्स दे ताकि वो यूज़र्स तो बरकरार रहें, साथ ही ऐप्पल के प्रॉडक्ट्स से प्रभावित होकर और लोग भी इसके यूज़र बनें। इन्हीं फीचर्स में से एक है 'सेफ्टी एंड सिक्योरिटी'। ऐप्पल अपने यूज़र्स की प्राइवेसी और डाटा की सेफ्टी और सिक्योरिटी का पूरा ध्यान रखता है। कंपनी की यह कोशिश रहती है कि उसके यूज़र्स को इस वजह से किसी भी तरह की परेशानी ना हो।
पर हाल में ही में एक साइबर अटैक की रिस्क के चलते ऐप्पल के यूज़र्स की डाटा और प्राइवेसी पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में ऐप्पल ने अपने सभी यूज़र्स को अपने ऐप्पल डिवाइसेज़, जैसे कि आईफोन, आईपैड, आईमैक को जल्द से जल्द ही लेटेस्ट सॉफ्टवेयर में अपडेट करने को लेकर चेताया है।

Apple की वॉर्निंग के पीछे कारण

Apple की वॉर्निंग के पीछे कारण साइबर अटैक है। इसे 'zero-day exploit' कह्ते है। इस साइबर अटैक के चलते मालवेयर इन्फेक्शन और यूज़र्स के डाटा चोरी होने तक का रिस्क है।

यह भी पढ़े - कैसे अपने खोए iPhone को ढूंढे और उसका डाटा डिलीट करें

Apple का zero-day exploit के खिलाफ कदम

ऐप्पल ने इस साइबर अटैक से अपने यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए iOS 14.7.1, iPadOS 14.7.1 और macOS Big Sur 11.5.1 सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किए हैं। इन सॉफ्टवेयर अपडेट वर्ज़न से मेमोरी के करप्शन की रिस्क खत्म हो जाती है।

क्यूं ज़रूरी है सिक्योरिटी अपडेट

ऐप्पल ने यह भी बताया कि यह सिक्योरिटी अपडेट इसलिए ज़रूरी है क्योंकि zero-day exploit का ऐक्टिवली इस्तेमाल होना शुरू हो चुका है। इससे यूज़र्स के लिए रिस्क बढ़ जाती है। ऐसे में सिक्योरिटी अपडेट बहुत ही ज़रूरी है।

यह भी पढ़े - iPhone के साथ चार्जर ना देना एप्पल को पड़ा भारी, लगा करोड़ों का जुर्माना

सिक्योरिटी अपडेट को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के आसान स्टेप्स

iPhone और iPad यूज़र्स के लिए

  • सबसे पहले अपने Apple डिवाइस की Settings ओपन करें।
  • अब General पर क्लिक करें।
  • इसके बाद Software Update पर क्लिक करें।
  • इसके बाद Download and Install पर क्लिक करें।
  • अब आपके iPhone और iPad पर सिक्योरिटी अपडेट हो जाएगा।

iMac यूज़र्स के लिए

  • सबसे पहले Appls menu पर click करें।
  • अब Select Preferences पर क्लिक करें।
  • इसके बाद Software Update पर क्लिक करें।
  • इसके बाद Update Now पर क्लिक करें।
  • अब आपके iMac पर सिक्योरिटी अपडेट हो जाएगा।

यह भी पढ़े - iPhone 13 में मिल सकते हैं ऐसे शानदार कैमरा फीचर्स, यहां जानिए डिटेल

Apple's security update

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3i8vzXQ

World's Youngest Astronomer: 7 साल की छोटी बच्ची ने नासा के लिए ढूंढे 7 asteroids, बनी सबसे कम उम्र की एस्ट्रोनोमर

नई दिल्ली। 7 साल की छोटी सी उम्र में ज्यादातर बच्चे अपने खिलोनों से खेलना पसंद करते हैं पर ब्राजील की एक 7 साल की बच्ची ने इस उम्र में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। यह बात है ब्राजील के रियो डी जेनेरियो की 7 साल की निकोल ओलिवेरा डि लिमा (Nicole Oliveira’s love) की। जिस उम्र में बच्चों को यह नहीं पता होता कि भविष्य में उनको क्या बनना हैं, उस उम्र में निकोल ने नासा (NASA) के लिए 7 एस्टेराॅइड्स ढूंढ निकाले हैं। ऐसा करके निकोल दुनिया की सबसे कम उम्र की खगोल-विज्ञानी (World's Youngest Astronomer) बन गई है।

यह भी पढ़े - भारतीय नासा इंजीनियर ने बनाई दुनिया की पहली 'न्यूज कम्पेरिजन ऐप'

निकोल ने कैसे ढूंढे एस्टेराॅइड्स

निकोल ने International Astronomical Search Collaboration द्वारा आयोजित 'एस्टेराॅइड्स-हंट' सिटीज़न साइंस प्रोग्राम में भाग लिया था। इस प्रोग्राम के आयोजन में National Aeronautics and Space Administration (NASA) का भी योगदान था। इसी प्रोग्राम में निकोल ने 7 एस्टेराॅइड्स ढूंढ कर सभी को हैरान कर दिया। साथ ही ऐसा करके निकोल ने सबसे कम उम्र की खगोल-विज्ञानी होने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है।

यह भी पढ़े - नासा का खुलासा : ब्रह्मांड की शक्तिशाली चुंबक से आ रहे रहस्यमय रेडियो संकेत

छोटी से उम्र से ही अंतरिक्ष की दुनिया का शौक

निकोल को छोटी सी उम्र से ही अंतरिक्ष की दुनिया का शौक रहा है। जब वह 2 साल की थी तब उन्हें आसमान में चमकते तारें बहुत ही अच्छे लगते थे। इसी दिलचस्पी की वजह से क्रम उम्र में ही निकोल को अंतरिक्ष की दुनिया के बारे में जानने का शौक लग गया। इसी का नतीजा है कि निकोल इतनी कम उम्र में अंतरिक्ष में 7 एस्टेराॅइड्स को ढूंढने में सफल हो सकी। ऐसा करके वह नासा की सबसे क्रम उम्र की खगोल-विज्ञानी (astronomer) बन गई है। यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। निकोल के माता-पिता ने अपनी बच्ची की इस उपलब्धी को सराहा है।

यह भी पढ़े - यह अमरीकी रैपर खरीद रहा है ब्रहस्पति से डेढ़ गुना बड़ा 'ग्रह'!

निकोल की इस खोज की हर जगह सराहना हो रही है। इतनी कम उम्र में इतना ज्ञान होने के कारण हाल ही में निकोल को ब्राजील के विज्ञान और तकनीक मंज्ञालय और इनोवेशन के पहले ऐस्ट्रॉनमी और एयरनॉटिक्स के इंटरनैशनल सेमिनार में बोलने का मौका भी मिला था। इसके साथ ही निकोल अपने शहर के स्कूलों में भी ऐस्ट्रॉनमी और एयरनॉटिक्स के बारे में लेक्चर देती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3l8VZKT

Airtel Prepaid Recharge Plan 2021: एयरटेल ने बंद किया 49 रुपये वाला प्लान, अब देने होंगे ज्यादा पैसे

नई दिल्ली। Airtel के Prepaid ग्राहकों के लिए Recharge करवाना महंगा साबित होता जा रहा है। जियो के आने के बाद से ये कंपनिया लगातार घाटे में जा रही थी जिसको देखते हुए उन्होंने इनकमिंग कॉल भी फ्री देना बंद कर दिया था और 49 रुपए का भुगतान आपको अपनी इनकमिंग कॉल के लिए करना होता था। लेकिन अब एयरटेल ने अपने नए प्रीपेड रिचार्ज प्लान (Airtel PREPAID Recharge Plan 2021) को लॉन्च कर दिया है जिसमे अब 49 की जगह ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे।

READ MORE:- वोडाफ़ोन आइडिया में 299 रुपए में अनलिमिटेड इंटरनेट जानिए पूरा ऑफर

Airtel 49 rupee recharge Plan
एयरटेल के 49 रुपए के प्लान साथ आपको 28 दिन की वैलिडिटी मिलती है जिसमे आपको 38 रुपए का टॉकटाइम और 100 MB डाटा मिलता है मिलता है और 28 दिनों तक इनकमिंग फ्री रहती है। उसके बाद इनकमिंग कॉल बंद हो जाती है जिसके लिए फिर से एयरटेल का 49 रुपये का रिचार्ज करवाना होता है।

READ MORE:- रोजाना 6 रुपए में 1 साल तक अनलिमिटेड कॉलिंग ओर इंटरनेट

Airtel 79 Rupee Recharge Plan
एयरटेल के 79 रिचार्ज प्लान के साथ 200 MB डाटा मिलता है साथ ही 64 रुपये का टॉकटाइम मिलता है। इसके 49 रुपये के रिचार्ज में मिलने वाले डाटा से दो गुना डेटा मिलता है। वही 4 गुना अधिक आउटगोइंग मिनट्स भी मिल रही है। यह प्लान गुरुवार 29 जुलाई 2021 से प्रभावी होने जा रहा है।

एयरटेल के इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान (Airtel Prepaid Recharge Plan 2021) के बाद ग्राहकों की जेब पर असर पड़ेगा क्योंकि अगर उन्होंने रिचार्ज नहीं करवाया तो एयरटेल द्वारा उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही 49 रुपए से सीधा 79 रुपए का रिचार्ज करके एयरटेल अपने ग्राहकों को झटका दे रहा है।

एयरटेल के ये नए प्रीपेड प्लान इसलिए लाए गए हैं ताकि जो ग्राहक केवल इनकमिंग कॉल के लिए एयरटेल से जुड़े हुए हैं उनको डाटा के लिए भी एयरटेल पर निर्भर किया जा सके। एयरटेल ने यह प्लान कुछ राज्यो में पहले लागू किया था फिर उसका अच्छा परिणाम एयरटेल को मिला था। जिसको देखते हुए एयरटेल ने अब सभी राज्यो में ऐसा करने का फैसला किया है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3zLx6Jg

Tuesday, July 27, 2021

Whatsapp पर ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, अकाउंट हो सकता है बैन

Whatsapp सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग ऐप्स में से एक है। व्हाट्सएप पर लोग एक दूसरे को मैसेज, वीडियो और ऑडियो फाइल भेजते हैं। हालांकि इसमें कई चीजें ऐसी भी हैं, जिनके बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं है। व्हाट्सएप पर कुछ गलतियां करना यूजर को भारी पड़ सकता है। उनका व्हाट्सएप अकाउंट बैन किया जा सकता है। यहां तक की कुछ गलतियों में जेल तक हो सकती है। हाल ही में वॉट्सएप ने भारत में 20 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को बैन कर दिया है। आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि कौन सी गलतियों की वजह से आपका व्हाट्एप अकाउंट भी बैन किया जा सकता है।

अश्लील कंटेंट और स्पैम मैसेज न भेजें
कई लोग बड़ी संख्या में व्हाट्सएप पर हजारों लोगों को स्पैम मैसेज सेंड करते हैं। आप इस बात का ध्यान रखें कि व्हाट्सएप पर किसी को भी ज्यादा संख्या में स्पैम मैसेज न भेजें। अगर किसी ने स्पैम मैसेज की रिपोर्ट कर दी तो पहले मैसेज भेजने वाले का नंबर ट्रैक किया जाता है। इसके बाद कंपनी स्पैम मैसेज भेजने वाले का अकाउंट बैन भी कर सकती है। वहीं भूलकर भी व्हाट्सएप पर किसी को अश्लील कंटेंट न भेजें। अश्लील कंटेंट भेजने पर अकाउंट को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता है। वहीं अगर कोई यूजर चाइल्ड पोर्न कंटेंट भेजता या फॉरवर्ड करता है तो उसको जेल भी हो सकती है।

व्हाट्सएप अकाउंट हैक करने की कोशिश
अगर कोई यूजर किसी का व्हाट्एप अकाउंट हैक करने की कोशिश करता है तो यह भी एक बड़ा अपराध है। अगर कोई आपका व्हाट्सएप अकाउंट हैक करता है या करने की कोशिश करता है तो आप इसकी शिकायत साइबर सेल में कर सकते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप अकाउंट हैक करने वाले आरोपी को लीगल नोटिस भेजा जा सकता है।

यह भी पढ़ें— जानिए क्या है GB WhatsApp? इसका इस्तेमाल पहुंचा सकता है आपको नुकसान

whatsapp2.png

थर्ड पार्टी ऐप्स
व्हाट्सएप पर अगर कोई यूजर थर्ड पार्टी ऐप का इस्तेमाल करता है तो इस पर उसका अकाउंट बैन किया जा सकता है। ऐप स्टोर पर कई तरह की थर्ड पार्टी ऐप्स हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स भी थर्ड पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल न करने की सलाह देते हैं क्योंकि इनसे यूजर्स को निजता को खतरा रहता है। व्हाट्सएप हर माह स्कैनिंग करता है। अगर कोई यूजर थर्ड पार्टी एप्स का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसको बैन कर दिया जाता है। हालांकि रिव्यू के बाद अकाउंट फिर चालू हो सकता है।

दंगे भड़काने वाले या सांप्रदायिक मैसेज
व्हाट्सएप पर दंगे भड़काने वाले या सांप्रदायिक मैसेज सर्कुलेट करना भी अपराध है। ऐसे मैसेज भेजने वाले यूजर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार भी इसको लेकर सख्त हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों की शिकायत पर ऐसे यूजर्स का व्हाट्सएप अकाउंट बैन किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें— WhatsApp पर ऐसे देखें चुपचाप किसी का भी स्टेटस, सामने वाले को नहीं होगी खबर

कॉपीराइट नियम
व्हाट्सएप पर किसी ऐसी फिल्म या फिर ऐसा कंटेंट शेयर किया जाता है, जिसमें कॉपीराइट हो, तो अकाउंट बैन हो सकता है। इसकी शिकायत होने पर यूजर को जेल भी हो सकती है। व्हाट्सएप अकाउंट्स को परमानेंट या फिर टेंपरेरी तौर पर बैन किया जाता है। परमानेंट बैन किए जाने वाले अकाउंट हमेशा के लिए बैन कर दिए जाते हैं। वहीं टेंपरेरी में अकाउंट रिव्यू होने के बाद दोबारा चालू हो सकता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3i6zpAD

यह 3डी प्रिंटिंग रीयूजेबल रॉकेट, मंगल पर बसाएगा मानव कॉलोनी

कैलिफोर्निया स्थित एयरोस्पेस निर्माता 'रिलेटिविटी स्पेस' (Relativity Space) ने एक नया रॉकेट 'टेरान आर' (Terran R) बनाया है जो पूरी तरह 3डी प्रिंटेड तकनीक से बना है और दोबारा उपयोग किया जा सकने वाला दुनिया का पहला रॉकेट है। टेरान आर को एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (Space X) के फाल्कन-9 रॉकेट के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जा रहा है। 'रिलेटिविटी स्पेस' को युवा उद्यमियों टिम एलिस (25) और जॉर्डन नून (23) ने 2015 में शुरू किया था। आज रिलेटिविटी स्पेस में 400 कर्मचारी काम करते हैं और यह अरबों डॉलर की कंपनी बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। एलिस और नून ने 3D तकनीक की पूरी क्षमता का उपयोग कर यह रॉकेट बनाया है। अब दोनों पूरी तरह से 3D तकनीक से बने प्रक्षेपण यान को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्च करने वाली दुनिया की पहली स्टार्ट-अप कंपनी बनने की दिशा में काम कर रहे हैं।

यह 3डी प्रिंटिंग रीयूजेबल रॉकेट, मंगल पर बसाएगा मानव कॉलोनी

216 फीट ऊंचा है रॉकेट
'टेरान आर' 16 फीट (5 मीटर) व्यास और 16 फीट (5 मीटर) पेलोड फेयरिंग वाला करीब 216 फीट (66 मीटर) ऊंचा रॉकेट है। यह दो चरणों में लॉन्च होगा, जो पृथ्वी की निचली कक्षा तक 20 हजार किलोग्राम (44,100 पाउंड) तक वजन उठा सकता है। टेरान आर और टेरान 1 दो अलग-अलग आकार के रॉॅकेट हैं। टेरान 1 पहले ही दुनिया का पहला 3D प्रिंटेड स्पेस लॉन्च वाहन (स्पेस लॉन्च व्हीकल या एसएलवी) बन चुका है। हालांकि, टेरान १ को दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके विपरीत, टेरान आर 3डी प्रिंटेड और पूरी तरह से दोबारा उपयोग (री-यूजेबल) है, जिसमें टेरान 1 से 16 गुना अधिक पेलोड होगा।

यह 3डी प्रिंटिंग रीयूजेबल रॉकेट, मंगल पर बसाएगा मानव कॉलोनी

मेटल 3D तकनीक से बना
दोनों टेरान रॉकेट दुनिया के सबसे बड़े मेटल 3डी प्रिंटर का उपयोग कर बनाए जा रहे हैं। रिलेटिविटी स्पेस की 3D तकनीक की मदद से रॉकेट बनाने की सालों चलने वाली पारंपरिक प्रक्रिया की तुलना में दो महीने के भीतर असेंबल (Assemble) किया जा सकता है। इस तरह रॉकेट बनाने के लिए जरूरी सामानों की संख्या में 100 गुना कमी आई है। ये प्रिंटर उन विशेष सामग्रियों (Material) और अनोखे ज्यामितीय डिजाइन का भी समावेश कर सकते हैं, जो पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया में संभव नहीं हैं। यदि सबकुछ योजना के अनुसार होता है, तो टेरान 1 की पहली परीक्षण उड़ान 2021 के अंत में संभव हो सकती है। जबकि टेरान आर 2024 में लॉन्च होगा।

यह 3डी प्रिंटिंग रीयूजेबल रॉकेट, मंगल पर बसाएगा मानव कॉलोनी

मंगल पर कॉलोनी बसाएगा टेरान
कंपनी के सह-संस्थापक टिम एलिस का कहना है कि इस कंपनी की स्थापना 3D प्रिंटेड रॉकेट की सहायता से मंगल ग्रह (Mars) पर पर इंसानों के औद्योगिक ठिकानों का निर्माण करने के उद्देश्य से की गई थी। हम इस सपने को हकीकत में बदलने की प्रेरणा से काम कर रहे हैं। मंगल पर इंसानों के एक बहुग्रहीय (मल्टीप्लेनेटरी) प्रजाति के रूप में फलने-फूलने के लिए स्केलेबल, ऑटोनॉमस 3D प्रिंटिंग की आवश्यकता है। टेरान आर इस सफर का पहला पड़ाव है।

यह 3डी प्रिंटिंग रीयूजेबल रॉकेट, मंगल पर बसाएगा मानव कॉलोनी

आखिर कितना सक्षम है टेरान
टेरान आर में सात 'एयॉन आर' रॉकेट इंजन लगे हैं। इनमें से प्रत्येक इंजन 136984.896 किलोग्राम (302,000 पाउंड) जितना थर्स्ट (Thurst) पैदा करने में सक्षम है। इसके दूसरे चरण में एक अन्य 'एयन वैक' इंजन है। वर्ष 2024 में, टेरान आर, केप कैनावेरल में कंपनी की साइट लॉन्च कॉम्प्लेक्स 16 से लॉन्च होगा, जहां इस साल टेरान 1 भी लॉन्च होने वाला है। टेरान 1 की तुलना में कहीं अधिक पेलोड लॉन्च करने की क्षमता के साथ, टेरान आर सरकारी और वाणिज्यिक (Commercial or Space Tourism) दोनों मिशनों में अंतरिक्ष तक सस्ती यात्रा का विकल्प बन सकता है।

यह 3डी प्रिंटिंग रीयूजेबल रॉकेट, मंगल पर बसाएगा मानव कॉलोनी

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3f2lXMl

Monday, July 26, 2021

कहीं आपका सेलफोन भी तो हैक नहीं हुआ, ऐेसे करें पता

ऑनलाइन ही मौजूद खतरा
दरअसल, सस्ते इंटरनेट के चलते हम अधिकांश काम अपने मोबाइल पर ऑनलाइन ही करते हैं। हालांकि, इससे हमारी गोपनीयता और डेटा खतरे में पड़ गए हैं। हैकर्स आपके मोबाइल की संवेदनशील जानकारियों को चुराकर उन्हें डार्क वेब पर बेच सकते हैं या निजी डेटा सार्वजनिक करने की धमकी देकर फिरौती (रैनसमवेयर) भी मांग सकते हैं। यहां तक कि एपल जैसी उच्च सुरक्षा वाले आइओस मोबाइल फोन भी हैक किए जा सकते हैं। इसलिए अपनी गोपनीयता को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आपको हमेशा अपने फोन पर नजर रखनी होगी। अगर आपको लगता है कि आपके फोन के साथ छेड़छाड़ की गई है तो अपना फोन रीसेट करें। आइए जानते हैं हैकिंग का कैसे पता करें और इससे बचने के क्या उपाय हो सकते हैं।

कहीं आपका सेलफोन भी तो हैक नहीं हुआ, ऐेसे करें पता

इन बातों को न करें नज़रअंदाज़
अनुपयुक्त पॉप-अप: अचानक अगर आपके मोबाइल फोन पर अश्लील या एक्स-रेटेड विज्ञापन के पॉप-अप या नोटिफिकेशन दिखाई देने लगें तो समझ जाएं कि आपके फोन से छेड़छाड़ की गई है।
अज्ञात कॉल-मैसेज: ऐसे कॉल या संदेश जो आपने किए ही नहीं और वे नजर आ रहे हैं तो यह भी आपका डिवाइस हैक कर लिया गया है।
नेट की खपत बढऩा: यदि आपका इंटरनेट बिल बहुत ज्यादा इस्तेमाल किए बिना भी सामान्य से अधिक है तो यह भी हैकिंग की ओर इशारा करता है। हैकर आपके फोन को हैक कर आपके इंटरनेट डेटा का उपयोग आपके ही फोन में अनाधिकृत ऐप्स चलाने के लिए कर रहा है।

कहीं आपका सेलफोन भी तो हैक नहीं हुआ, ऐेसे करें पता

बैटरी जल्दी खत्म होना: मोबाइल पुराना होने के साथ ही बैट्री की क्षमता भी घट जाती है। लेकिन अगर बैट्री बार-बार बहुत तेजी से खत्म हो रही है जबकि मोबाइल का बहुत ज्यादा उपयोग भी नहीं किया जा रहा है तो आपको ध्यान देने की जरूरत है।
मोबाइल की परफॉर्मेंस बिगडऩा: अगर आपके फोन में बार-बार ऐप्स हैंग हो रही हैं, ओपन नहीं हो रहीं या फोन बहुत सलो चल रहा है अथवा अचानक स्क्रीन ने काम करना बंद कर दिया है या बार-बार री-स्टार्ट हो रहा है तो यह हैक किए गए डिवाइस का संकेत है।
अपरिचित ऐप्स: यदि आप अपने डिवाइस पर डाउनलोड किए गए किसी भी अपरिचित एप्लिकेशन को देखते हैं, तो यह भी एक हैकर का काम हो सकता है।

कहीं आपका सेलफोन भी तो हैक नहीं हुआ, ऐेसे करें पता

सोशल मीडिया अकाउंट्स पर असामान्य गतिविधियां: अगर आपकी सोशल मीडिया आइडी पर कुछ दिनों से असामान्य गतिविधियां नजर आएं या ईमेल पर अनाधिकृत गतिविधियां होने लगें जो सीधे आपके फोन से जुड़ी हुई हों तो इसका मतलब हो सकता है कि किसी हैकर ने डिवाइस के डेटा और पासवड्र्स तक पहुंच बना ली हो।
अचानक बंद हो जाएं कॉल-मैसेज: यदि अचानक आपके मोबाइल से कॉल या मैसेज जाने और आने बंद हो जाएं तो समझ लीजिए कि हैकर ने आपके सिम कार्ड को सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के सर्वर से क्लोन कर लिया होगा।

कहीं आपका सेलफोन भी तो हैक नहीं हुआ, ऐेसे करें पता

ऐसे में हैकर्स को डेटा तक पहुंचने से रोकने के लिए आप यह कर सकते हैं-
हैकिंग से ऐसे बचें
अनाधिकृत ऐप तुरंत हटाएं: ऐप्स की सूची जांचें और उन सभी संदिग्ध ऐप्स को हटा दें जिन्हें आपने डाउनलोड नहीं किया है।
एंटी-मैलवेयर ऐप: किसी भरोसेमंद एंटी-मैलवेयर ऐप की मदद से मैलवेयर का पता लगाएं और उससे छुटकारा पाएं।
फोन रीसेट करें: अपने फोन को रीसेट करना मैलवेयर से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका है।
पासवर्ड रीसेट करें: हैकर को आपका व्यक्तिगत डेटा चुराने से रोकने के लिए फोन से जुड़े खातों का पासवर्ड बदलें।
जानकारों को सूचित करें: अपने मोबाइल में जितने भी कॉन्टेक्ट्स हैं उन्हें बताएं कि आपके फोन से छेड़छाड़ हुई है और आपकी ओर से किए गए किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल का जवाब न दें न ही किसी संदिग्ध संदेश पर क्लिक करें।

कहीं आपका सेलफोन भी तो हैक नहीं हुआ, ऐेसे करें पता

मोबाइल को अनरूट करें: यदि आप एंड्रॉइड के रूटेड वर्जन का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको सुपरएसयू ऐप (SuperSU app) का उपयोग करके इसे अनरूट करना होगा।
कंपनी को बताएं: अगर आप अपने मोबाइल पर मैसेज और कॉल नहीं कर पा रहे तो इसका मतलब यह हो सकता है कि हैकर क्लोन किए गए सिम कार्ड का उपयोग कर रहा है। समस्या के समाधान के लिए अपने मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाता कंपनी से संपर्क करें। साथ ही अपने फोन को हैक होने से बचाने के लिए सार्वजनिक वाइ-फाइ काउपयोग करना बंद कर दें। किसी भी पॉप-अप या नोटिफिकेशन और संदिग्ध विज्ञापनों पर क्लिक करने की आदत से भी बाज आएं।

कहीं आपका सेलफोन भी तो हैक नहीं हुआ, ऐेसे करें पता

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3kRejIm

Sunday, July 25, 2021

फोन चोरी होने पर तुरंत करें यूपीआई ऐप्स को ब्लॉक, वरना खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट

 

नई दिल्ली। स्मार्टफोन आम इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक स्मार्टफोन से संभव होती है। ऐसे में अगर किसी का फोन चोरी हो जाए तो किसी बड़े झटके से कम नहीं। क्योंकि में फोन में बैक पासवर्ड से लेकर कई सीक्रेट चीजें सेव रहती हैं। सबसे बड़ी पेरशानी मोबाइल मे मौजूद फाइनेंशियल ऐप्स होते हैं। क्योंकि इनसे यूजर्स की जरूरी सूचनाएं और बैंक डिटेल जुड़ी रहती हैं। इसलिए फोन चोरी होने की स्थिति में इन्हें सिक्योर करना सबसे ज्यादा आवश्यक होता है।

यह भी पढ़ें— इन 5 तरीकों से पता लगाएं कि कहीं आपका फोन हैक तो नहीं हो गया

भारत में Paytm, Google Pay और PhonePe जैसी ऑनलाइन भुगतान सेवाएं यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर चलती हैं। ऐसे में फोन चोरी होने पर इन सेवाओं का दुरुपयोग किए जाने का डर लगा रहता है। ऐसे में यूपीआई अकाउंट को डिएक्टिवेट करना और बैंक खातों को अस्थाई रूप से ब्लॉक करना सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है।

Google Pay Account को ऐसे करें ब्लॉक
—अगर आप गुगल पे अकाउंट चलाते हैं और आपका फोन चोरी हो गया है तो सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 18004190157 पर कॉल करें।
—कस्टमर केयर पर बात करने का विकल्प चुनें और और Google पे खाता ब्लॉक करवाए।
—इसके अतिरिक्त एंड्रायड यूजर्स अपने फोन से डेटा 'रिमोट वाइप' कर सकते हैं ताकि कोई भी अपने Google खाते तक न पहुंच सकें।

यह भी पढ़ें— इन 9 एंड्रॉयड ऐप्स से रहे सावधान, चुरा रहे हैं यूजर्स के फेसबुक की लॉगइन आईडी और पासवर्ड

Paytm को ऐसे करवाए ब्लॉक
—सबसे पहले पेटीएम पेमेंट्स बैंक हेल्पलाइन नंबर 01204456456 पर कॉल करें।
—यहां आप लॉस्ट फोन विकल्प का चयन करें।
-वैकल्पिक नंबर दर्ज करने का विकल्प चुनने के बाद, अपना खोया हुआ फोन नंबर रजिस्टर करें।
—इसके बाद पेटीएम की वेबसाइट पर जाएं और '24x7 हेल्प' चुनें फिर 'धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें' चुनें और किसी भी कैटेगरी का चयन करें।
-'मैसेज अस' बटन पर क्लिक करने के बाद, अकाउंट ओनरशिप का प्रमाण जमा करें, जो या तो पेटीएम लेनदेन दिखाने वाला क्रेडिट/डेबिट कार्ड स्टेटमेंट हो सकता है, खोए या चोरी हुए फोन की पुलिस शिकायत या आवश्यकतानुसार कोई अन्य दस्तावेज हो सकता है।
-वेरिफिकेशन के बाद, पेटीएम खाते को ब्लॉक कर देगा।

यह खबर भी पढ़ें:—मोबाइल के वीक सिग्नल से हैं परेशान तो अपनाइए ये ट्रिक्स, दूर हो जाएगी दिक्कतें

Phone Pe payment अकाउंट को ऐसे करवाए ब्लॉक
-Phone Pe यूजर्स हेल्पलाइन नंबर 08068727374 पर कॉल करें।
-आपको अपने Phone Pe खाते में किसी समस्या की रिपोर्ट करने के लिए कहा जाएगा। उपयुक्त संख्या विकल्प का चयन करें।
-रजिस्टर मोबाइल नंबर दर्ज करें।
-वेरिफिकेशन के लिए एक OTP आपके मोबाइल नंबर पर आएगा।
-अगर OTP नहीं आया तो OTP प्राप्त नहीं होने का ऑप्शन चुनें। अब आपको सिम या मोबाइल फोन के गुम होने की रिपोर्ट करने का ऑप्शन दिया जाएगा। इसे चुनें।
-इसके बाद आपका खाता ब्लॉक करने की प्रोसेस शुरू हो जाएगी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3zEWH6N

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, जानें कैसे बचें स्पाईवेयर हमले से

हाल ही इजरायल के पेगासस स्पाइवेयर (Pegasus spyware) ने 10 देशों में 16 अन्य समाचार संगठनों के अलावा 50 हजार से अधिक महत्त्वपूर्ण लोगों के मोबाइल नंबरों की सूची तक पहुंच थी। दरअसल, इजरायली स्पाइवेयर कंपनी एनएसओ ग्रुप इससे जुड़े संगठनों के लिए निगरानी करने का काम कर रहा था। एनएसओ के बनाए पेगासस स्पाइवेयर की जांच में सामने आया कि, विभिन्न देशों के एक हजार से अधिक सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों, व्यापारियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सूची उनके पास है और इनमें से 67 फोन नंबरों का डेटा प्राप्त करने में सक्षम थे, जिनके नंबर सूची में शामिल थे। इनमें से 37 नंबरों पर पेगासस स्पाइवेयर की घुसपैठ या सफलतापूर्वक हैक किए जाने के सुबूत भी मिले हैं। विश्लेषण ने यह भी संकेत दिया कि इनमें से कई नंबरों पर घुसपैठ या ऐसा करने का प्रयास उस सूची में फोन नंबर दर्ज किए जाने के तुरंत बाद किया गया, कइयों में तो महज कुछ सेकंड्स के भीतर। एक्सपट्र्स का मानना है कि उक्त सूची और डेटा चोरी के लिए होने वाली निगरानी के प्रयासों के बीच एक लिंक हो सकता है। आइए जानते हें क्या है स्पाइवेयर-

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

स्पाइवेयर क्या है और इसका इस्तेमाल कौन करता है?
स्पाइवेयर निगरानी, डेटा चोरी या दुर्भावना से प्रेरित सॉफ्टवेयर या मैलवेयर की एक श्रेणी है। जो किसी और के कंप्यूटर,स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस से जानकारी चुराना चाहता है। स्पाइवेयर सुरक्षा के लिहाज से कमजोर उपकरणों को आसानी से हैक कर सकता है। लेकिन इसमें से कुछ स्पाइवेयर इतने एडवांस हैं कि वे कंप्यूटर,स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस की मजबूत से मजबूत से सुरक्षा घेरे में सेंध लगाकर जानकारियां चुरा सकते हैं बल्कि उसे हैक भी कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे एडवांस स्पाइवेयर आमतौर पर कानून प्रवर्तन या खुफिया एजेंसियों द्वारा तैनात किया जाता है। लेकिन संदेह है कि अब आतंकवादी समूहों और परिष्कृत आपराधिक गिरोहों की भी स्पाइवेयर तक पहुंच है। उदहारण के लिए, एक अन्य इजराइली कंपनी, कैंडिरू के स्पाइवेयर का इस्तेमाल स्मार्टफोन के जरिए ब्लैक लाइव्ज मैटर और स्वास्थ्य समूहों के लिए पेज के रूप में नकली वेबसाइटों के माध्यम से कार्यकर्ताओं, राजनेताओं और अन्य पीडि़तों के कंप्यूटर और मोबाइल को हैक करने के लिए किया गया था।

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

स्पाइवेयर किस तरह की जानकारियां चुराते हैं?
आपके मोबाइल, कम्प्यूटर और लैपटॉप जैसे ऑनलाइन रहने वाले डिवाइस पर मौजूद लगभग सभी जानकारियां, डेटा यहां तक कि आपकी फोटो गैलरी और ऑनलाइन गेम्स तक एडवांस स्पाइवेयर के निशाने पर होते हैं। इतना ही नहीं, जिस तरह पारंपरिक वायरटैपिंग में फोन कॉल की रीयल-टाइम निगरानी की जा सकती है वैसे ही पेगासस स्पाइवेयर जैसा एडवांस सॉफ्टपेयर भी ऐसा कर सकता है और भी बहुत कुछ। यह आपके ईमेल, सोशल मीडिया पोस्ट, कॉल लॉग, यहां तक कि व्हाट्सऐप या सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड चैट ऐप पर मौजूद संदेश भी देख सकता है और उन्हें एकत्र कर सकता है। ऐसा स्पाइवेयर यूजर के स्थान, साथ ही वह व्यक्ति स्थिर है या चल रहा है और किस दिशा में जा रहा है, इसकी भी सटीक जानकारी दे सकता है। इससे भी ज्यादा खतरनाक यह है कि यह कॉन्टेक्ट्स, यूजरनेम, पासवर्ड्स, पर्सनल नोट्स और गोपनीय दस्तावेज तक एकत्र कर सकता है। जिसमें तस्वीरें, वीडियो और साउंड रिकॉर्डिंग भी शामिल हैं। वहीं सबसे उन्नत स्पाइवेयर आपकी मर्जी के बिना आपके लैपटॉप या स्मार्टफोन के माइक्रोफोन और कैमरों को भी सक्रिय कर सकता है, वह भी मोबाइल या लैपटॉप में बिना कोई रोशनी या किसी अन्य संकेतक को चालू किए बिना रिकॉर्डिंग शुरू हो जाती है। यूजर अपने डिवाइसेज पर जो कुछ भी करते हैं, तो एडवांस स्पाइवेयर के ऑपरेटर भी कर सकते हैं। कुछ उपयोगकर्ता की अनुमति या जानकारी के बिना भी डिवाइस पर फाइलें डिलीवर या डाउनलोड कर सकते हैं।

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' इसे क्यों नहीं रोक पाता?
'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' दो डिवाइस जैसे स्मार्टफोन के बीच डेटा के ट्रांसमिशन की सुरक्षा करता है। यह 'मैन-इन-द-मिडिल' यानी बिचौलियों के हमलों को रोकने के लिए उपयोगी है, जहां कोई हैकर संदेश भेजने वाले और उसे पाने वाले के बीच संदेश को रोकता है, क्योंकि संदेश एक विशिष्ट एन्क्रिप्शन कुंजी या कोड के साथ बंद है। 2013 में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के व्हिसलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन द्वारा खुलासे के बाद वाणिज्यिक सेवाओं पर व्यापक रूप से अपनाए गए एन्क्रिप्शन के ऐसे रूप, सरकारी एजेंसियों के लिए इंटरनेट ट्रैफिक की निगरानी करके बड़े पैमाने पर निगरानी करना भी कठिन बनाते हैं। लेकिन यह 'समापन बिंदु' या एंडपॉइंट्स पर हैकर्स के हमलों के खिलाफ उपयोगी नहीं हैं, जो कम्युनिकेशन के किसी भी छोर को लक्षित करते हैं। एक बार जब एन्क्रिप्टेड संदेश भेजे गए डिवाइस पर आ जाता है, तो सिस्टम संदेश को पढऩे योग्य बनाने के लिए डिकोड करने के लिए एक प्रोग्राम चलाता है। जब ऐसा होता है, तो डिवाइस पर मौजूद स्पाइवेयर इसे भी पढ़ सकता है।

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

पेगासस स्पाइवेयर बनाने वाली एनएसओ क्या है?
एनएसओ समूह इजऱाइल में स्थित एक निजी कंपनी है जो स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर की अग्रणी निर्माता है। इसका सिग्नेचर उत्पाद, पेगसस खासतौर से आइफोन और एंड्राइड फोन में सेंध लगाकर जानकारी चुराने के लिए डिजाइन किया गया है। 2010 में स्थापित हुई इस कंपनी का कहना है कि 40 देशों में उसके 60 'सरकारी ग्राहक' हैं। मूडीज के अनुसार, कंपनी के बुल्गारिया और साइप्रस में भी कार्यालय हैं। कंपनी में कथित तौर पर 750 कर्मचारी हैं और पिछले साल 17.86 अरब रुपए (240 मिलियन डॉलर) से अधिक की कमाई की है। लंदन स्थित एक निजी-इक्विटी फर्म नोवलपिना कैपिटल के पास कंपनी के सबसे ज्यादा शेयर हैं।

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

किन देशों में मौजूद है पेगासस स्पाइवेयर?
सिटीजन लैब ने 45 देशों में संदिग्ध रूप से पेगासस के हमले का दस्तावेजीकरण किया है। इसमें अल्जीरिया, बहरीन, बांग्लादेश, ब्राजील, कनाडा, मिस्र, फ्रांस, ग्रीस, भारत, इराक, इजऱाइल, आइवरी कोस्ट, जॉर्डन, कजाकिस्तान, केन्या, कुवैत, किर्गिस्तान, लातविया, लेबनान, लीबिया, मैक्सिको, मोरक्को, नीदरलैंड, ओमान, पाकिस्तान, फिलिस्तीनी क्षेत्र, पोलैंड, कतर, रवांडा, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, टोगो, ट्यूनीशिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, युगांडा, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमरीका, उज्बेकिस्तान, यमन और जाम्बिया शामिल हैं। हालांकि, इन देशों में पेगसस की मौजजूदगी का मतलब यह नहीं है कि उक्त देश की सरकार एनएसओ की सेवाएं ले रही है। एनएसओ इससे पहले कई बार यह कह चुकी है कि उसके सॉफ्टवेयर का उपयोग केवल संदिग्ध अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ किया जाता है। लेकिन शोध समूहों ने पाया है कि इसका उपयोग राजनीतिक हस्तियों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी करने के लिए भी किया जाता है।

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

अपने फोन की सुरक्षा के लिए जरूर करें
यों तो, आधुनिक स्पाइवेयर किसी भी सुरक्षा घेरे को तोड़कर चुपके से काम करने और डेटा चुराने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसलिए आपका सबसे अच्छा साइबर डिफेंस भी शायद इससे बच न पाए। यूजर को इसका पता तक नहीं चलता क्योंकि फोन पहले की ही तरह काम करता रहता है। इसलिए हैक किए गए फोन की बारीकी से जांच करने के बाद ही इसका पता लगाया जा सकता है। हालांकि, अपने फोन को ऐसे स्पाइवेयर से बचाने के लिए आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं-

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

1. अपने उपकरणों और उनके सॉफ़्टवेयर को हमेशा अप टू डेट रखें। ऑटोमैटिक अपडेट ऑन रखें।
2. पांच साल से पुराने मोबाइल फोन और पुरो ऑपरेटिंग सिस्टम वाले मोबाइल इस मामले में सबसे ज्यादा कमजोर हैं। तुरंत बदल लें।
3. आप जिस मोाबइल, वेबसाइट या ऐप का उपयोग करते हैं उसके लिए यूनीक, जटिल और आसानी से हैक न किए जा सकने वाला पासवर्ड सेट करें। अपने फोन नंबर, जन्म तिथि या अपने पालतू जानवरों के नाम पर आसानी से पहचान लिए जाने वाले पासवर्ड से बचें।
4. लास्टपास या 1 पासवर्ड जैसे पासवर्ड मैनेजर हैकिंग को और आसान बनाते हैं। हर जगह ट्रू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करें। वे साइट न केवल आपका पासवर्ड मांगेंगी, बल्कि दूसरा कोड भी मांगेंगी जो या तो आपके फोन पर भेजा जाएगा या एक अलग ऑथेंटिकेशन ऐप के जरिए एक्सेस किया जा सकेगा।
5. ऐसे किसी भी अनाधिकृत लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें जिन्हें आप नहीं पहचानते हैं। संभव हो तो 'डिस्अपीयरिंग मैसेज' या इसी तरह की सेटिंग्स को चालू कर दें, ताकि एक निर्धारित अवधि के बाद ऐसे मैसेज स्वत: गायब हो जाएं।

किसी एडवांस 'स्पाइवेयर' को रोक पाना असंभव, यहां जानें आखिर क्यों?

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3yi4tmR

मोबाइल के वीक सिग्नल से हैं परेशान तो अपनाइए ये ट्रिक्स, दूर हो जाएगी दिक्कतें

 

नई दिल्ली। मोबाइल आम इंसान की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका हैं। लेकिन कई बार जब बहुत ही जरूरी कॉल चल रही और उस समय वीक नेटवर्क के चलते कॉल बार—बार डिसकनेक्ट हो जाने या ठीक से आवाज नहीं पर इंसान इरीटेट हो जाता है। ऐसे में यूजर्स मोबाइल ऑपरेटर चेंज करने की सोचने लगते हैं। लेकिन ऑपरेटर चेंज करने की बजाय अगर इस समस्या का हल निकाल ले तो सबसे बेहतर होगा। आइए जानते हैं ऐसे कुछ टिप्स जो बार—बार कॉल डिसकनेक्ट होने की समस्या को काफी हद तक दूर कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें— इन 9 एंड्रॉयड ऐप्स से रहे सावधान, चुरा रहे हैं यूजर्स के फेसबुक की लॉगइन आईडी और पासवर्ड

सिग्नल बूस्टर भी एक वजह
मोबाइल नेटवर्क ना आने का एक कारण आपके घर के पास लगी एक मशीन सिग्नल बूस्टर भी हो सकती है। टेलीकम्युनिकेशन डिपॉर्टमेंट इसे लेकर समय-समय पर एक्शन लेता रहता है।

क्या दिक्कत करता है सिग्नल बूस्टर
बूस्टर के साथ दो तरह का एंटीना होता है। एक छत पर लगाया जाता है और दूसरा घर के अंदर। ग्रामीण या रिहायशी इलाकों में जहां नेटवर्क की समस्या होती है, वहां लोग ऐसे सिग्नल बूस्टर को अपनी सुविधा के लिए लगा लेते हैं, जो मोबाइल सिंग्नल को कैच करता है। बूस्टर से मोबाइल सिग्नल और इंटरनेट स्पीड बढ़ जाती है। वॉयस ब्रेक, नेटवर्क में होने वाली समस्या दूर हो जाती है। लेकिन ऐसे बूस्टर लगाना अवैध है। क्योंकि इससे दूसरों को नेटवर्क और इंटरनेट स्पीड की समस्या होने लगती है।

यह भी पढ़ें— इन 5 तरीकों से पता लगाएं कि कहीं आपका फोन हैक तो नहीं हो गया

इन ट्रिक्स से दूर करें सिग्नल की समस्या

—फोन कवर को हटाएं
अगर फोन में बार—बार सिंग्नल नहीं आ रहा है तो मोबाइल पर लगे कवर को हटाकर देखिए। ऐसा करने से काफी हद तक नेटवर्क की समस्या से बचा जा सकता है।

नेटवर्क में करें बदलाव
अगर आपको किसी एरिया में वीक सिंग्नल की समस्या से जूझना पड़ रहा है तो आप 4जी से 2जी में स्विच करें। इससे भले की आपके इंटरनेट की स्पीड स्लो हो जाए पर वीक सिग्नल की आपकी समस्या दूर हो जाएगी।

घर की खिड़कियों को खुला रखें
अगर आपके मोबाइल में सिंग्नल कमजोर है तो अपने घर की खिड़कियों को खोल कर रखें। इससे मोबाइल को मिलने वाली सिग्नल में इजाफा होगा।

नए नंबर पर फॉरवर्ड करें कॉल
अगर किसी निश्चित जगह पर आपकों लंबे समय से वीक सिग्नल की समस्या हो रही है तो उस जगह पर सही काम करने वाले अन्य किसी दूसरी कंपनी के नंबर पर कॉल को फॉर्वर्ड कर सकते हैं।

यह खबर भी पढ़ें:—इन 11 ऐप्स को स्मार्टफोन से तुरंत कर दें डिलीट, हो सकते हैं बैंकिंग फ्रॉड के शिकार

हल्के से पकड़े मोबाइल
नेटवर्क एक्सपर्ट का कहना है कि मोबाइल को हल्के हाथों पकड़ना चाहिए। क्योंकि टाइट पकड़ने से एक और लेयर जुड़ जाती है जिससे सिग्नल रिसीव करने या भेजने में दिक्कत होती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2WinmYC

Saturday, July 24, 2021

Reliance Jio Recharge Plans: रोजाना 6 रुपये में 1 साल तक अनलिमिटेड कॉलिंग-इंटरनेट-एसएमएस

नई दिल्ली। Reliance Jio के रिचार्ज अन्य कंपनियों से किफायती माने जाते हैं, इसी का परिणाम है कि इसके ग्राहक दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। जियो में 6 रुपए दिन के खर्चे में आप 1 साल तक अनलिमिटेड कॉल, 1.5 GB डेटा और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते है। इसके लिए आपको अपने जियो नंबर पर रिचार्ज ( Reliance Jio Recharge Plans 2021 ) करना होगा।

READ MORE:- रिलायंस जियो के सभी प्रीपेड प्लान्स की लिस्ट जान लीजिए

6 रुपए में पूरा 1.5 GB डेटा और कॉल फ्री

इस प्लान का फायदा उठाने के लिए आपको 2121 रुपए का रिचार्ज कराना होगा जिसकी वैधता 1 साल यानी पूरे 365 दिन तक की होगी। इसके आपको रोज 1.50 GB डेटा, अनलिमिटेड कॉल और 100 एसएमएस मिलेगे। अगर इनका दिन का खर्चा देखा जाए तो एक दिन का लगभग 6.3 रुपये खर्च है। लेकिन यही अगर आप एक महीने या दो महीने का करवाते हो तो काफी महंगा हो जाता है। 1 GB एक्स्ट्रा डेटा के लिए जियो 11 रुपए लेता है लेकिन इस प्लान से आप 6 रुपए में 1.50 GB प्राप्त कर सकते हैं।

1.50 GB के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग ओर इंटरनेट फ्री। यानी इस प्लान से आप आधे पैसे बचा सकते हैं। जियो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हाई स्पीड डेटा खत्म होने के बाद अनलिमिटेड 2G डेटा भी यह उपलब्ध करवाता है जो काफी सही बात है और इमरजेंसी में काम आ सकता है।

READ MORE:- फ्लिपकार्ट पर कई बढ़िया स्मार्टफोन्स पर बंपर छूट

2GB डेटा और डिज़्नी हॉट स्टार

अगर ज्यादा डेटा के साथ डिज़्नी देखना चाहते हो तो जियो किफायती दामों में ये भी उपलब्ध करवाता है। इसके लिए 2599 रुपए का एक रिचार्ज करना होगा जो एक साल की वैलिडिटी के साथ आएगा। इसमें एक दिन का 2 GB डेटा मिलेगा। इसके अलावा 10 GB एक्स्ट्रा डेटा की भी सुविधा है और डिज़्नी हॉट स्टार एक दम फ्री। डिज़्नी के दीवानों के लिए यह प्लान काफी काम का साबित हो सकता है।

लेकिन ही सकता है कुछ लोगों को केवल डेटा ही चाहिए वो हॉट स्टार नहीं देखते हो, तो जियो ने इसके लिए भी बढ़िया प्लान निकाला है। इसमें आपको 2399 का रिचार्ज कराना होगा और दिन का 2Gb डेटा मिलेगा। इस लिहाज से यह प्लान काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3iFHStO

PuriCare: LG का नया एयर प्यूरीफाइंग मास्क, जानिए फीचर्स के बारे में

नई दिल्ली। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स (LG) ने हाल ही में अपना एयर प्यूरीफाईंग मास्क बनाया हैं। कोरोना महामारी के चलते मास्क पहनना ज़रूरी हो गया है। जहां इन्फेक्शन से बचने के लिए मास्क पहनना ज़रूरी होता हैं, वहीं मास्क पहनने से कुछ परेशानियां भी होती हैं। मास्क पहनने से कई बार बातचीत करने या फिर सांस लेने में परेशानी होती हैं। ऐसे में LG ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए एक एयर प्यूरीफाईंग मास्क बनाया हैं। LG ने इसका नाम PuriCare रखा हैं। LG ने बताया कि एयर प्यूरीफाईंग होने की वजह से इस मास्क में सांस लेने में परेशानी नहीं होगी।

यह भी पढ़े - LG ने पेश किया QNED टीवी, बैकलाइट के लिए इस्तेमाल की 30,000 एलईडी, जानें अन्य खासियतें

LG के PuriCare मास्क के फीचर्स

एयर प्यूरीफाईंग मास्क - यह एक एयर प्यूरीफाईंग मास्क है। इसमें LG के बने डुअल पंखे लगे होते हैं, जिससे सांस लेने के लिए मास्क के अंदर साफ हवा मिलेगी और सुविधा रहेगी। इसकी टेक्नोलॉजी से यह मास्क यूज़र के सांस लेने के पैटर्न के हिसाब से हवा के प्रवाह को स्वचालित रूप से नियंत्रित करेगा।

एर्गोनाॅमिक डिज़ाइन - यह मास्क एर्गोनाॅमिक डिज़ाइन का है, जिससे मास्क से हवा का रिसाव कम होगा।

हल्का और सुविधाजनक - इस मास्क का वजन सिर्फ 94 ग्राम है, जिससे यह पहनने में हल्का और सुविधाजनक होगा।

बैट्री से चलने वाला - इस मास्क में 1000 mAh की चार्ज होने वाली बैट्री लगी होगी जो यूएसबी केबल से सिर्फ 2 घंटे में चार्ज हो जाएगी। चार्जिंग के बाद इसे 8 घंटे तक लगातार पहना जा सकेगा।

बिल्ट-इन माइक्रोफोन और स्पीकर से लैस - इस मास्क में वाॅयसाॅन तकनीक से बने बिल्ट-इन माइक्रोफोन और स्पीकर लगे होंगे, जिससे बातचीत करने में आसानी होगी।

यह भी पढ़े - LG का cloi servebot करेगा इंडोर डिलिवरी, ट्रायल शुरू, जानिए कैसे काम करेगा यह रोबोट

LG's new air-purifying mask PuriCare

कीमत

LG ने इस मास्क की कीमत की घोषणा अभी नहीं की हैं।

कब और कहां होगा लॉन्च

LG का PuriCare मास्क अगले महीने अगस्त में थाइलैंड में लॉन्च होगा। शुरुआत में यह मास्क सिर्फ थाइलैंड में उपलब्ध होगा। पर LG ने कहा है कि अप्रूवल मिलने के बाद इसे अन्य देशों में भी लॉन्च किया जाएगा।

यह भी पढ़े - LG cine beam laser 4k के नए प्रोजेक्टर में अब घर पर ही उठाएं सिनेमाहॉल का मजा, जानिए इसकी खूबियां



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3x26aTQ

OnePlus Sale: स्मार्टफोन्स, टीवी, स्मार्टवॉच खरीदने का सुनहरा मौका, मिल रहा है बड़ा डिस्काउंट

नई दिल्ली। OnePlus Sale के जरिये कंपनी Oneplus, The Wishlist Sale और अमेज़न की Amazon Prime day sale 2021 में ये धमाकेदार ऑफर दे रहा है। इन सब में OnePlus के उस स्मार्टफोन पर सबकी नजरें टिकी हुईं हैं, जिसे OnePlus ने हालिया लॉन्च किया है और इसका नाम है OnePlus Nord 2 जो 26 जुलाई से उपलब्ध होगा।

READ MORE:- Flipkart में शॉपिंग के दौरान करे इन टिप्स को उपयोग, होगा फायदा

डिस्काउंट और ऑफर्स की डिटेल्स

OnePlus अपने स्मार्टफोन पर बैंक के कार्ड से भी डिस्काउंट दे रहा है इसलिए आप अपने बैंक कार्ड को अपने पेमेंट ऑप्शन में सेव कर लीजिए क्योंकि HDFC Bank के Credit Card और Debit Card से 10 % का फायदा मिल सकता है। HDFC Bank EMI से आप 6 महीने तक NO Cost EMI का भी फायदा उठा सकते हैं। यह फायदा amazon.in पर अमेज़न प्राइम डे सेल 2021 के दौरान 26 और 27 जुलाई को उठा सकते हैं। इनके बाद भी आप एक्सचेंज ऑफर से फायदा उठा सकते है जो एक्स्ट्रा एक्सचेंज में उपलब्ध होगा।

READ MORE:- जियो फाइबर का धमाकेदार प्लान, 199 रुपए में मिलेगा 100 GB डेटा

OnePlus Store पर डिस्काउंट

OnePlus Nord CE 5G को अमेज़न पर एचडीएफसी के कार्ड से 10% के डिस्काउंट पर खरीदा जा सकेगा। अतरिक्त 5000 का डिस्काउंट अपने पुराने फोन को एक्सचेंज पर मिलेगा।

OnePlus Nord 2

22 जुलाई को लॉन्च हुआ वनप्लस Nord 2 26 जुलाई से अमेज़न की प्राइम डे सेल 2021 में उपलब्ध होगा। इस फोन की कीमत 27,999 से शुरू होती है हालांकि 26 जुलाई को केवल 29,999 वाला मॉडल ही मिलेगा जो 8 GB और 128GB के साथ आता है। अगर डिस्काउंट की बात करें तो वन प्लस के प्रोडक्ट पर 3 हजार से लेकर 7 हजार तक का डिस्काउंट लिया जा सकता है।

OnePlus Additional Discount

वन प्लस की सेल के दौरान वन प्लस टीवी Y सीरीज पर और वन प्लस टीवी U1 सीरीज के स्मार्ट टीवी पर 6 हजार रूपए तक का डिस्काउंट दिया जा सकता है और बाकी के मॉडल्स की बात करें तो oneplus band steven harrington edition पर 200 रुपए का डिस्काउंट और वनप्लस बड्स पर 691 रुपए, बड्स Z पर 300 और पॉवर बैंक पर 1000 रुपए अतरिक्त डिस्काउंट मिलेगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3BzKl1m

Friday, July 23, 2021

ऐसे चुटकी ब्लॉक करें अनचाहे कॉल्स और मैसेज को, कभी नहीं करेंगे परेशान

 

नई दिल्ली। Tech Tips And Tricks: कई बार जब आप जरूरी काम कर रहे हो और अचानक से कॉल आए और कोई बोले—'हैलो सर, आपको लोन चाहिए क्या? तो गुस्सा आता है और आप जल्दी से जल्दी कॉल को काटने की कोशिश करते हैं। अगर आपके पास भी ऐसे अनचाहें कॉल या मैसेज आते हैं तो आप परेशान ना हो उन्हें चुटकियों में बंद सकते हैं। आइए जानते हैं अनचाहें कॉल और मैसेज को ब्लॉक करने तरीके।

यह भी पढ़ें— इन 5 तरीकों से पता लगाएं कि कहीं आपका फोन हैक तो नहीं हो गया

ऐसे ब्लॉक करने अनचाहें कॉल और मैसेज
—अपने स्मार्टफोन को खोले ओर रीसेंट कॉल्स पर जाएं।
—कॉल लिस्ट में उस नंबर को चुनें जिनको आप स्पैम मार्क करना चाहते हैं।
—उसके बाद Block/Report Spam पर क्लिक करें।
—इसके बाद वो नंबर ब्लॉक हो जाएगा और उस नंबर से कभी आपको कॉल नहीं आएगा।

दूसरा तरीका
एयरटेल, जियो और वोडाफोन आईडिया के किसी भी नंबर पर आने वाले स्पैम कॉल्स को चुटकियों में ब्लॉक किया जा सकता है। ब्लॉक करने के दो तरीके हैं। आप एसएमस और कॉलिंग के जरिए ब्लॉक कर सकते हैं। इसके लिए आप मैसेजिंग एप पर जाएं। न या मैसेज ओपन करें और START 0 टाइप करके उसे 1909 पर सेंड कर दें। फिर आपने नंबर पर स्पैम कॉल्स नहीं आएंगे।

यह भी पढ़ें— इन 9 एंड्रॉयड ऐप्स से रहे सावधान, चुरा रहे हैं यूजर्स के फेसबुक की लॉगइन आईडी और पासवर्ड

कॉल के जरिए भी आप स्पैम कॉल ब्लॉक कर सकते हैं। अपने फोन से 1909 पर कॉल करें। फोन पर मिलने वाले निर्देशों का पालन करें और Do Not Disturb ऑप्शन को एक्टिव कर दें।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2UFPSmt

Android 12 में हुए इस विवादित बदलाव से लोग हैं नाराज

नई दिल्ली। Android 12 को आधिकारिक तौर पर इस साल की शुरुआत में Google I/O में पेश किया गया था। तब से इसके डेवलपर प्रीव्यू और सॉफ़्टवेयर के तीन बीटा वर्जन ( Android 12 Changes ) देखे जा चुके हैं और Google अब चौथा अपडेट तैयार करने की कोशिश कर रहा है। Google के डेवलपर डैशबोर्ड के अनुसार, अगस्त के लिए एक और बीटा अपडेट ट्रैक पर है। और अगर सब कुछ ठीक रहा, तो अपडेट सितंबर में प्राइमटाइम के लिए तैयार हो सकता है।

कुछ फोन में Android 12 इनिशियल बीटा स्टेज में उपलब्ध है। Android 12 में काफी बग्स हैं। इस वजह से आपको स्मार्टफोन एक्सपीरियंस ही नहीं बल्कि आपके फोन के फंक्शन्स में भी दिक्कत आ सकती है। कुछ बग्स का फायदा उठा कर हैकर्स फोन की सिक्योरिटी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। Google चाहता है कि तकनीकी विशेषज्ञ इन सिक्योरिटी बग्स को खोज कर रिपोर्ट करें। सिक्योरिटी बग्स को रिपोर्ट करने पर Android Security Rewards Program के तहत 7 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ये रिवार्ड उन बग्स को खोजने के लिए दिए जाएंगे जो काफी सीरियस हैं।

यह भी पढ़ें:-Twitter new feature

हालांकि, यूजर्स को अब काफी परेशानी आ रही है। नए एंड्रॉयड 12 पावर मेनू के साथ यूजर्स के पास मुख्य समस्या यह है कि यह बहुत सारी कार्यक्षमता को हटा देता है। जबकि पुराने पावर मेनू में जी पे कंट्रोल और घरेलू उपकरणों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न विकल्प शामिल थे। नए पावर मेनू में केवल इमरजेंसी, पावर ऑफ और रीस्टार्ट विकल्प होते हैं।

changes in Android 12

साथ ही बहुत से लोगों को अपने फोन को चार्ज करने मे काफी परेशानी होती है। जिसके अलग अलग कारण हो सकते हैं। जैसे:-

पावर एडॉप्टर:

आपको बता दें कि हर एक चीज का अपना एक लाइफ साइकल होता है और कुछ समय बाद वह खराब हो ही जाते हैं। हालांकि कई बार चीजें लंबी चल जाती हैं लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। चार्जिंग केबल के साथ भी ऐसा ही है। केबल में उपर से भले ही मोटी प्लास्टिक का कवर हो लेकिन अंदर पतले केबल लगे होते हैं जो काफी नाजुक होते हैं। इतना ही नहीं केबल के कनेक्टिंग प्वाइंट पर कई जोड़ होते हैं जिनके खराब होने के चांसेज काफी ज्यादा होते हैं। ऐसे में यदि आपका फोन धीमा चार्ज हो रहा है तो उसका कारण केबल भी हो सकता है। कई बार केबल के कनेक्टर में धूल आ जाने की वजह से भी चार्जिंग धीमी हो जाती है।

यह भी पढ़ें:-जुलाई में होगा Poco F3 GT लॉन्च

पावर एडॉप्टर:

पुराना होने के साथ ही पावर अडॉप्टर भी कई बार फोन खराब करने के या फिर धीमी फोन चार्जिंग का कारण बन जाते हैं। उसमें भी वही समस्या आ जाती है। कई बार प्लग खराब हो जाते हैं तो कभी चार्जिंग केबल वाले स्लॉट में समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं फोन पुराना होने पर सॉकेट में डस्ट आ जाने से भी फोन की चार्जिंग पर फर्क पड़ने लगता है। फोन तो चार्ज होता है लेकिन धीमा हो जाता है।

फोन का पावर स्लॉट:

आप इस बात को जानते हैं कि चार्जिंग के दौरान चार्जर तीन जगह कनेक्ट होता है। पावर प्लग में सॉकेट, सॉकेट में केबल और केबल फिर फोन में। हमने दो कनेक्शन को देख लिया लेकिन फोन के कनेक्शन को देखना भी बेहद जरूरी है। ज्यादातर स्लो चार्जिंग की शिकायत इसी स्लॉट की वजह से होती है। कई बार तो स्लॉट डैमेज हो जाता है लेकिन कई बार स्लॉट में डस्ट या मॉइस्चर आ जाने से इस तरह की समस्या होती है। ज्यादातर शिकायत डस्ट की है।

सॉफ्टवेयर अपडेट:

आप यही सोच रहे होंगे कि सॉफ्टवेयर से चार्जिंग का क्या लेना देना। लेकिन बता दें कि सॉफ्टवेयर से बहुत लेना देना है। कई बार फोन चार्जिंग के समय गर्म होना या स्लो होने के पीछे सॉफ्टवेयर का अपडेट न होना ही होता है। फोन को अपडेट करते नहीं और इस वजह से समस्या होती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3wZ0lGH

Reliance Jio Prepaid Plans 2021: जानिए जियो के सभी प्रीपेड प्लान्स की डिटेल्स

नई दिल्ली। रिलायंस जियो (Reliance Jio) भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक है। भारत में जियो के 41 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स हैं। ऐसे में कंपनी मौजूदा यूज़र्स को जोड़े रखने और नए यूज़र्स को जोड़ने के लिए नए ऑफर्स और स्कीम्स लाती रहती है।

यह भी पढ़े - पूर्वी यूपी के लोगों को सबसे ज्यादा भाया जियो, खूब लिए कनेक्शन

Reliance Jio के प्रीपेड प्लान्स

आइए एक नज़र डालते हैं रिलायंस जियो के सभी प्रीपेड प्लान्स पर।

Jio के फ्रीडम प्रीपेड प्लान

Jio का 127 रुपये का का फ्रीडम प्रीपेड प्लान - जियो के 127 रुपये वाले फ्रीडम प्रीपेड प्लान में 12GB डाटा मिलता हैं। इस प्लान की वैधता 15 दिनों की होती है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio का 247 रुपये का फ्रीडम प्रीपेड प्लान - जियो के 247 रुपये वाले फ्रीडम प्रीपेड प्लान में 25GB डाटा मिलता हैं। इस प्लान की वैधता 30 दिनों की होती है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio का 447 रुपये का फ्रीडम प्रीपेड प्लान - जियो के 447 रुपये वाले फ्रीडम प्रीपेड प्लान में 50GB डाटा मिलता हैं। इस प्लान की वैधता 60 दिनों की होती है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio का 597 रुपये का फ्रीडम प्रीपेड प्लान - जियो के 597 रुपये वाले फ्रीडम प्रीपेड प्लान में 75GB डाटा मिलता हैं। इस प्लान की वैधता 90 दिनों की होती है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio का 2397 रुपये का फ्रीडम प्रीपेड प्लान - जियो के 2397 रुपये वाले फ्रीडम प्रीपेड प्लान में 365GB डाटा मिलता हैं। इस प्लान की वैधता 365 दिनों की होती है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

यह भी पढ़े - सबसे सस्ता स्मार्टफोन लाएगी जियो, ग्रीन एनर्जी पर भी लगाया बड़ा दांव

Jio के रोज़ 2GB डाटा वाले प्लान्स

Jio के 249 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 249 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 2GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है। वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 444 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 444 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 2GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 56 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 598 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 598 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 2GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 56 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री और एक साल के लिए Disney+ Hotstar का सब्सक्रिप्शन भी फ्री मिलता हैं।

Jio के 599 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 599 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 2GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 84 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 2399 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 2399 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 2GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 365 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता हैं।

Jio के 2599 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 2599 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 2GB डाटा मिलता है। साथ ही 10GB अतिरिक्त डाटा भी मिलता है। इस प्लान की वैधता 365 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री और एक साल के लिए Disney+ Hotstar का सब्सक्रिप्शन भी फ्री मिलता हैं।

यह भी पढ़े - राजस्थान में जियो ने जोड़े सबसे अधिक ग्राहक: ट्राई

Jio के रोज़ 1.5 GB डाटा वाले प्लान्स

Jio के 98 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 98 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1.5GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 14 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 199 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 2121 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1.5GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 399 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 399 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1.5GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 56 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 555 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 555 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1.5GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 84 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 777 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 777 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1.5GB डाटा मिलता है। इस प्लान में अतिरिक्त 5GB डाटा भी मिलता है।
इस प्लान की वैधता 84 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री और एक साल के लिए Disney+ Hotstar का सब्सक्रिप्शन भी फ्री मिलता हैं।

यह भी पढ़े - रिलायंस जियो ने एंड्रॉयड टीवी यूजर्स के लिए लॉन्च की खास सर्विस JioPages, जानिए क्या फायदा होगा

Jio के 2121 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 2121 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1.5GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 336 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के रोज़ 1 GB डाटा वाले प्लान

Jio के 149 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 149 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 24 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के रोज़ 3 GB डाटा वाले प्लान्स

Jio के 349 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 349 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 3GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 401 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 401 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 3GB डाटा मिलता है। इस प्लान में अतिरिक्त 6GB डाटा भी मिलता है। इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री और एक साल के लिए Disney+ Hotstar का सब्सक्रिप्शन भी फ्री मिलता हैं।

Jio के 999 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 999 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 3GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 84 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 3499 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 3499 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 3GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 365 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

यह भी पढ़े - पहला सेल्यूलर लैपटॉप: मोबाइल, डेटा के बाद अब जियो ला रहा सबसे सस्ता लैपटॉप

क्रिकेट प्लान

Jio के 499 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 499 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में रोज़ 1.5GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 56 दिनों की है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और रोज़ 100 SMS मिलते हैं। इस प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री और एक साल के लिए Disney+ Hotstar का सब्सक्रिप्शन भी फ्री मिलता हैं।

4G डाटा वाउचर

Jio के 11 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 11 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 1GB डाटा मिलता है। वैधता की बात की जाए तो यह प्लान एक्टिव प्लान तक चलता है।

Jio के 21 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 21 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 2GB डाटा मिलता है। वैधता की बात की जाए तो यह प्लान एक्टिव प्लान तक चलता है।

Jio के 51 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 51 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 6GB डाटा मिलता है। वैधता की बात की जाए तो यह प्लान एक्टिव प्लान तक चलता है।

Jio के 101 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 101 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 12GB डाटा मिलता है। वैधता की बात की जाए तो यह प्लान एक्टिव प्लान तक चलता है।

यह भी पढ़े - रिलायंस जियो ने 57,123 करोड़ रुपये में खरीदे 55 फीसद स्पेक्ट्रम

वर्क फ्रॉम होम प्लान्स

Jio के 151 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 151 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 30GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 30 दिनों की है।

Jio के 201 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 201 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 40GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 30 दिनों की है।

Jio के 251 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 251 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 50GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 30 दिनों की है।

टॉप-अप वाउचर

Jio के 10 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 10 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 7.47 रुपये का टॉक टाइम मिलता है। इस प्लान की वैधता अनलिमिटेड है।

Jio के 20 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 20 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 11.95 रुपये का टॉक टाइम मिलता है। इस प्लान की वैधता अनलिमिटेड है।

Jio के 50 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 50 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 39.37 रुपये का टॉक टाइम मिलता है। इस प्लान की वैधता अनलिमिटेड है।

Jio के 100 रुपये वाला प्रीपेड प्लान - जियो के 100 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 81.75 रुपये का टॉक टाइम मिलता है। इस प्लान की वैधता अनलिमिटेड है।

Jio के 500 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 500 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 420.73 रुपये का टॉक टाइम मिलता है। वैधता की बात की जाए तो इस प्लान की वैधता अनलिमिटेड है।

Jio के 1000 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 1000 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 844.46 रुपये का टॉक टाइम मिलता है। इस प्लान की वैधता अनलिमिटेड है।

Jio के किफायती पैक

Jio के 129 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 129 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 2GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 28 दिन तक है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और 300 SMS भी फ्री मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 329 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 329 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 6GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 84 दिन तक है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और 1000 SMS भी फ्री मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।

Jio के 1299 रुपये का प्रीपेड प्लान - जियो के 1299 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में कुल 24GB डाटा मिलता है। इस प्लान की वैधता 336 दिन तक है। इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और 3600 SMS भी फ्री मिलते हैं। इस प्लान में जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3iGyLcb

Airtel ने लॉन्च किए नए पोस्टपेड प्लान्स, जानिए पूरी डिटेल्स

नई दिल्ली। भारती एयरटेल (Airtel) भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक है। भारत में एयरटेल के 34 करोड़ से ज्यादा यूज़र्स हैं। ऐसे में कंपनी मौजूदा यूज़र्स को बरकरार रखने और और नए यूज़र्स को जोड़ने के लिए नए ऑफर्स और स्कीम्स लाती रहती है।

यह भी पढ़े - 5G Network: Airtel ने पेश किया अपना 5G प्लान

अभी हाल में ही एयरटेल ने अपने ग्राहकों के लिए नए पोस्टपेड प्लान्स लॉन्च किए हैं। इसमे कॉरपोरेट यूज़र्स के लिए अलग और रीटेल यूज़र्स के लिए अलग प्लान्स हैं। आइए एक नज़र डालते हैं एयरटेल के इन नए प्लान्स पर।

कॉरपोरेट यूज़र्स के लिए नए पोस्टपेड प्लान्स

299 रुपये का प्लानः इस प्लान में 30GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए एयरटेल कॉल मैनेजर, विंक म्यूज़िक ऐप, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम और शाॅ अकेडमी के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

349 रुपये का प्लान - इस प्लान में 40GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए एयरटेल कॉल मैनेजर, विंक म्यूज़िक ऐप, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम और शाॅ अकैडमी के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

399 रुपये का प्लान

इस प्लान में 60GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए ट्रेसमेट, गूगल वर्कप्लेस, एयरटेल कॉल मैनेजर, अमेज़न प्राइम, डिज्नी+ हॉटस्टार प्रीमियम, वीआईपी सर्विस, एयरटेल सिक्योर, विंक म्यूज़िक ऐप प्रीमियम, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम और शाॅ अकेडमी के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

499 रुपये का प्लान

इस प्लान में 100GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए ट्रेसमेट, गूगल वर्कप्लेस, एयरटेल कॉल मैनेजर, अमेज़न प्राइम, डिज़नी+ हॉटस्टार प्रीमियम, वीआईपी सर्विस, एयरटेल सिक्योर, विंक म्यूज़िक ऐप प्रीमियम, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम और शाॅ अकेडमी के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

1599 रुपये का प्लान

इस प्लान में 500GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए ट्रेसमेट, गूगल वर्कप्लेस, एयरटेल कॉल मैनेजर, अमेज़न प्राइम, डिज़नी+ हॉटस्टार प्रीमियम, वीआईपी सर्विस, एयरटेल सिक्योर, विंक म्यूज़िक ऐप प्रीमियम, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम और शाॅ अकेडमी के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

यह भी पढ़े - मात्र 19 रुपये के रिचार्ज में अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा भी, जानिए इस प्लान के बेनिफिट्स

रीटेल यूज़र्स के लिए नए पोस्टपेड प्लान्स

399 रुपये का प्लान

इस प्लान में 40GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए विंक म्यूज़िक ऐप, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम, शाॅ अकेडमी और फ्री हैलोट्यून के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

499 रुपये का प्लान

इस प्लान में 75GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए विंक म्यूज़िक ऐप, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम, शाॅ अकेडमी और फ्री हैलोट्यून के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

999 रुपये का प्लान

यह प्लान 1+2 का फैमिली प्लान होता हैं। इस प्लान में 210GB डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए अमेज़न प्राइम, डिज़नी+ हॉटस्टार प्रीमियम, वीआईपी सर्विस, एयरटेल सिक्योर, विंक म्यूज़िक ऐप प्रीमियम, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम और शाॅ अकेडमी के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

1599 रुपये का प्लान

यह प्लान 1+1 का फैमिली प्लान होता हैं। इस प्लान में अनलिमिटेड डाटा और अनलिमिटेड कॉल्स मिलती हैं। साथ ही 1 साल के लिए अमेज़न प्राइम, डिज़नी+ हॉटस्टार प्रीमियम, वीआईपी सर्विस, एयरटेल सिक्योर, विंक म्यूज़िक ऐप प्रीमियम, एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप प्रीमियम और शाॅ अकेडमी के अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं।

यह भी पढ़े - Airtel अपने यूजर्स को दे रहा फ्री 6GB डेटा, जानिए कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ

स्पेशल एड ऑन प्लान

299 रुपये का प्लान

ग्राहक 299 रुपये में किसी भी एयरटेल पोस्टपेड प्लान में एक कनेक्शन जोड़ सकते हैं। ऐसा करने पर उन्हें एक सिम पर 30GB डाटा, अनलिमिटेड कॉल्स और थैंक्स बेनिफिट्स मिलते हैं।

यह भी पढ़े - Airtel Prepaid Recharge Plans 2021: 279 रुपये में 4 लाख का लाइफ इंश्योरेंस और 1.5 जीबी डाटा रोजाना



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3iVQhcL

Thursday, July 22, 2021

इन 11 ऐप्स को स्मार्टफोन से तुरंत कर दें डिलीट, हो सकते हैं बैंकिंग फ्रॉड के शिकार

स्मार्टफोन यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से ऐप्स अपने मोबाइल में इंस्टॉल करते हैं। हालांकि कई बार ऐप्स भी यूजर्स के लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं। हैकर्स और स्कैमर्स मैलवेयर संक्रमित ऐप्स के जरिए यूजर्स की निजी डिटेल चुरा लेते हैं। यहां तक की कई बार ऐसे ऐप्स के जरिए हैकर्स यूजर्स के बैंक अकाउंट तक में सेंध लगा देते हैं। हाल ही गूगल प्ले स्टोर में मौजूद कुछ ऐसे ऐप्स की पहचान की गई है जो मैलवेयर से संक्रमित हैं। ये ऐप्स एंड्रॉयड यूजर्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी सिसर्चर Zscaler की ThreatLabz की रिपोर्ट के अनुसार, जिन 11 ऐप्स की पहचान की गई है, उन ऐप्स के जरिए बैंकिंग फ्रॉड किया जा सकता है।

ऐप्स में मिला जोकर मैलवेयर
रिपोर्ट के अनुसार, इन ऐप्स को अब तक करीब 30,00 से ज्यादा बार इंस्टॉल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन 11 ऐप्स की पहचान गई है, वे जोकर मैलयवेयर फैमिली एक फेमस वेरिएंट है। इस मैलवेयर को खासतौर पर एंड्रॉयड डिवाइसेज के लिए डिजाइन किया गया है। इस मैलवेयर से हैकर्स जासूसी करने, मैसेज और SMS के जरिए जानकारी चोरी करने का काम करते हैं। इसय मैलवेयर से संक्रमित मोबाइल से बैंकिंग फ्रॉड को अंजाम दिया जाता है। साथ ही जोकर एंड्राइड अलर्ट सिस्टम के जरिए सभी नोटिफिकेशन का परमिशन हासिल किया जाता है। जिन ऐप्सय की पहचान की गई है उनमें ट्रांसलेट फ्री, पीडीएप कंन्वर्टर स्कैनर, डीलक्स की-बोर्ड जैसे ऐप्स हैं।

यह भी पढ़ें— इन 5 तरीकों से पता लगाएं कि कहीं आपका फोन हैक तो नहीं हो गया

android_apps2.png

पिछले कुछ समय में 50 जोकर मैलवेयर की पहचान
रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो से ढाई महीने में करीब 50 जोकर मैलवेयर की पहचान की गई है। इसमें यूटीलिटी, हेल्थ जैसी कैटेगरी शामिल है। वहीं इनसे प्रभावित डिवाइसेज की बात करें तो इनमेें सबसे ज्यादा जोकर बेस्ड मैलवेयर अटैक टूल्स कैटेगरी बेस्ड डिवाइस पर हुए। इन डिवाइसेज पर 41.2 प्रतिशत हमले हुए। वहीं पर्सनलाइज्ड डिवाइस पर 21.6 प्रतिशत हमले हुए हैं। कम्यूनिकेशन डिवाइस पर 27.5 प्रतिशत, फोटोग्राफिक डिवाइस पर 7.8 प्रतिशत और हेल्थ और फिटनेस पर सबसे कम 2 प्रतिशत साइबर हमले हुए हैं।

यह भी पढ़ें— इन 9 एंड्रॉयड ऐप्स से रहे सावधान, चुरा रहे हैं यूजर्स के फेसबुक की लॉगइन आईडी और पासवर्ड

इन ऐप्स को तुरंत कर दें डिलीट
गूगल प्लेस्टोर पर जोकर फैमिली के जिस नए वेरिएंट से जो ऐप्स प्रभावित हुए हैं उनमें Free Affluent Message, PDF Photo Scanner, delux Keyboard, Comply QR Scanner, PDF Converter Scanner, Font Style Keyboard, Translate Free, Saying Message, Private Message, Read Scanner और Print Scanner ऐप्स शामिल हैं। इनमें से कुछ ऐप्स पॉपुलर हैं। ऐसे में अगर आपके स्मार्टफोन में भी ये ऐप्स मौजूद हैं तो इन्हें तुरंत डिलीट कर दें।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3hUdooD

Wednesday, July 21, 2021

Google Lens जल्द ही मिलेगा Chrome के डेस्कटॉप वर्ज़न पर भी

नई दिल्ली। Google Lens एक ऐसा फीचर है जो Google अपने यूज़र्स को मुहैया कराता हैं। यह फीचर अभी तक सिर्फ एंड्रॉयड डिवाइसेज़ पर उपलब्ध गूगल लेंस ऐप से ही यूज़ किया जा सकता था, पर अब जल्द ही यह फीचर क्रोम के डेस्कटॉप वेब वर्ज़न के लिए भी लॉन्च होगा। इसकी मदद से यूज़र्स अपने डेस्कटॉप के वेब ब्राउजर पर किसी भी फोटो के टेक्स्ट को पढ़ सकेंगे। साथ ही इसके अन्य फोटो रिलेटेड सुविधाओं का भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

यह भी पढ़े - अब कभी हैक नहीं होगा आपका Gmail, गूगल ला रहा नई सेफ्टी सर्विस

क्या हैं Google Lens?

गूगल लेंस एक ऐसा फीचर है जिसकी मदद से हम किसी फोटो में दिखने वाली किसी भी चीज़ की जानकारी ले सकते हैं। कई बार ऐसा होता हैं कि हम कहीं जा रहें होते हैं और रास्ते में हमें कुछ ऐसी चीज़ दिखती है जिसके बारे में हमें नहीं पता होता, ऐसे में हम अपने स्मार्टफोन से उसकी फोटो लेकर उसे स्कैन करके उसके बारे में पता लगा सकते हैं।

यह भी पढ़े - Google में आ रहा नया फीचर, सर्च रिजल्ट पर यूजर्स को करेगा 'अलर्ट'

कैसे काम करता है Google Lens?

  • सबसे पहले गूगल लेंस को ओपन करें और लेंस आइकन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद इसमें ट्रांसलेट, टेक्स्ट, सर्च, होमवर्क, शॉपिंग, प्लेस और डायनिंग के विकल्प दिखाई देंगे।
  • अब आपको फोटो से संबंधित या अन्य जो भी जानकारी चाहिए, उसके विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद उस ऑब्जेक्ट पर स्कैन होगा।
  • अब लेंस के आइकन पर क्लिक करें। इससे स्कैनिंग प्रोसेस पूरी हो जाएगी और आपको उस फोटो के ऑब्जेक्ट के बारे में जरूरी जानकारी मिल जाएगी।

यह भी पढ़े - गूगल मैसेज में आ रहा नया फीचर, अपने आप डिलीट हो जाएंगे OTP वाले मैसेज

Google Lens के अन्य उपयोग

  • गूगल लेंस का उपयोग हम किसी प्रॉडक्ट के QR कोड को स्कैन करके उस प्रॉडक्ट की जानकारी लेने के लिए भी कर सकते हैं।
  • गूगल लेंस का उपयोग जानवरों की प्रजातियों का पता लगाने में भी किया जा सकता हैं।
  • गूगल लेंस का उपयोग किसी होटल, टूरिस्ट प्लेस, रेस्टोरेंट आदि के रिव्यू जानने के लिए भी किया जा सकता हैं।

यह भी पढ़े - गूगल मैसेज ऐप पर पिन और टॉप लिस्ट फीचर भी



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3wUHqNg

गूगल बंद करने जा रहा Google Bookmarks, जानिए यूजर्स को क्या होगा नुकसान

टेक जाएंट गूगल भारत में अपनी 16 साल पुरानी सर्विस को बंद करने जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर, 2021 को सभी यूजर्स के लिए Google Bookmarks को बंद कर दिया जाएगा। गूगल बुकमार्क्स के पेज पर चल रहे एक बैनर के अनुसार, 30 सितम्बर के बाद से यूजर्स को गूगल बुकमार्क्स का सपोर्ट नहीं मिलेगा। ऐसे में कंपनी अपने यूजर्स को बुकमार्क को एक्सपोर्ट करने के लिए कह रही है। अगर आप भी बुकमार्क एक्सपोर्ट करना चाहते हैं तो google.com/bookmarks पर जाकर ‘Export Bookmarks’ पर टैप कर अपना डाटा कॉपी कर उसे एक्सपोर्ट कर सकते हैं।

गूगल मैप्स के कुछ फीचर्स हो सकते हैं प्रभावित
बुकमार्क्स सर्विस के बदं होने से गूगल मैप्स के कुछ फीचर्स प्रभावित होने की आशंका है। गूगल मैप्स के ये फीचर्स अभी भी गूगल बुकमार्क में मौजूद है। गूगल मैप्स और गूगल बुकमार्क्स दोनों ऐप्स सिंक हैं। ऐसे में बुकमार्क्स के बंद होने से यूजर्स का ‘Starred’ लोकेशन डिलीट हो जाएगा। हालांकि इसके बारे में चीजें पूरी से साफ नहीं हो पाई हैं। वहीं 9to5Google की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल मैप्स द्वारा इन स्थानों को सेव करने वाली लिस्ट को सिर्फ ‘Starred’ लिस्ट बुकमार्क के साथ सिंक करने के लिए स्विच कर लिया जाए।

यह भी पढ़ें— गूगल मैसेज में आ रहा नया फीचर, अपने आप डिलीट हो जाएंगे OTP वाले मैसेज

google_bookmarks.png

गूगल मैप्स पर ऐसे सेव करें स्थान
गूगल मैप्स में एक सुविधा है कि यूजर्स अपने फेवरेट प्लेस को एक लिस्ट में जोड़ सकते हैं, जिन्हें बाद में देखा जा सकता है। इसके लिए यूजर्स को गूगल मैप ओपन करना होगा। इसके बाद बिजनेस, प्लेस या लैटिट्यूड और लॉन्गिट्यूड को सेट करके प्लेस सर्च कना होगा और फिर अपनी लिस्ट को सेव करना होेगा। इससे यूजर्स उन सेव्ड प्लेस को ढूंढ सकते हैं।

यह भी पढ़ें— अब कभी हैक नहीं होगा आपका Gmail, गूगल ला रहा नई सेफ्टी सर्विस

स्टार और वेबसाइट नाम देने लगेगा दिखाई
अगर किसी वेबसाइट में गूगल मैप्स से एम्बेडेड मैप तो भी यूजर्स उन्हें गूगल मैप में सेव करत सकते हैं। इसके लिए यूजर्स को उस वेबसाइट पर टैप करना होगा। इसके बाद उस जगह की जानकारी निकालने के लिए मैप पर उस जगह पर टैप करना होगा। इसके बाद सेव पर क्लिक कर लिस्ट को सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद उस वेबसाइट का नाम और स्टार यूजर के डेस्कटॉप और मोबइल ऐप पर दिखाई देने लगेगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3xQQ6p8

इन 5 तरीकों से पता लगाएं कि कहीं आपका फोन हैक तो नहीं हो गया

पेगासस विवाद ने एक बार फिर से मोबाइल स्पाई आशंकाएं बढ़ गई हैं। हालांकि आम लोगों को पेगासस जैसे स्पाई टूल से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन कई ऐसे ऐप्स और स्पाई सॉफ्टवेयर हैं, जिनके जरिए हैकर्स आपके फोन में मौजूद निजी जानकारियां चुरा सकते हैं। हैकर्स यूजर्स के स्मार्टफोन को हैक कर फोन में मौजूद फाइनेंस की जानकारियां चुराकर आपके बैंक अकाउंट में सेंध तक लगा सकते हैं। इन स्पाई ऐप्स की खास बात यह होती है कि ये आपके फोन में इंस्टॉल होने के बाद आसानी से नजर नहीं आते। लेकिन आप अपने फोन की गतिविधियों से पता लगा सकते हैं कि कहीं आपका फोन हैक तो नहीं हो गया है या फिर उसके जरिए कोई आपकी जासूसी तो नहीं कर रहा।

1. ऐप्स जिन्हें आपने डाउनलोड नहीं किया
आप अपने स्मार्टफोन में मौजूद ऐप्स के जरिए भी यह पता लगा सकते हैं। इसके लिए आप फोन में इंस्टॉल ऐप्स को देखें अगर आपको ऐसे ऐप्स आपके फोन में मिलते हैं, जिन्हें आपने डाउनलोड नहीं किया तो समझ जाइए कि ऐसे ऐप हैकर्स द्वारा आपके फोन में डाउनलोड किए जा सकते हैं। ऐसे में इन ऐप्स को तुरंत अपने स्मार्टफोन से डिलीट कर दें।

2. स्क्रीन पर पॉप-अप
अगर आपको अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन पर बहुत सारे पॉप—अप नजर आते हैंं तो उन पर कभी भी क्लिक न करें। ये एडवेयर के कारण हो सकता है। एडवेयर एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है, जो आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन को विज्ञापनों से भर देता है। अगर आप उन लिंक में से किसी पर क्लिक करेंगे तो मुसीबत में पड़ सकते हैं।

यह भी पढ़ें— इन 5 आसान टिप्स से सुधार सकते हैं अपने फोन की परफॉर्मेंस

smartphone2.png

3. फोन की बैटरी

फोन की बैटरी से भी पता लगाया जा सकता है कि कहीं आपका स्मार्टफोन हैकर्स की पकड़ में तो नहीं है। अगर स्मार्टफोन की बैटरी सामान्य से ज़्यादा तेजी से खत्म हो रही है, तो हो सकता है कि आपके फोन में कोई स्पाई ऐप या स्पाई टूल मौजूद है। हालांकि बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स की वजह से बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है। ऐसे में इन ऐप्स को बंद करने के बाद फिर से मॉनिटर करें।

4.फोटो,वीडियो और फ्लैश लाइटिंग
अगर आपको अपने स्मार्टफोन की गैलेरी में ऐसे फोटो और वीडियो नजर आते हैं, जो आपने नहीं लिए तो अलर्ट हो जाइए। क्योंकि ये इस बात का संकेत है कि आपके स्मार्टफोन का कैमरा हैकर्स के नियंत्रण में हो सकता है। इकसे अलावा अगर आपके फोन की फ्लैश लाइटिंग अपने आप ऑन रहती है तो भी यह इसी बात के संकेत है कि आपका स्मार्टफोन किसी और के नियंत्रण में है।

यह भी पढ़ें— स्मार्टफोन को Factory Reset करते समय रखें इन बातों का ध्यान, नहीं हो हो सकता है नुकसान

5. अपने आप क्रैश हो ऐप्स
अगर आपका फोन अजीब तरह से काम करे जैसे स्मार्टफोन में मौजूद ऐप्स अपने आप क्रैश हो रही हों या ऐप्स लोड होने में परेशानी हो। इसके अलावा अगर कोई साइट सामान्य से अलग दिख रही है तो हो सकता है कि आपके फोन में स्पाई ऐप काम कर रहा हो।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2Uylc6r

Monday, July 19, 2021

WhatsApp पर ऐसे देखें चुपचाप किसी का भी स्टेटस, सामने वाले को नहीं होगी खबर

WhatsApp बार बार यूजर्स के एक्सपीरियंस को बढ़ाने के लिए नए-नए फीचर्स लेकर आता है। लेकिन कुछ यूजर्स को इन फीचर्स की बारे में जानकारी ही नहीं होती है। WhatsApp यूजर्स को 24 घंटे के लिए स्टेटस लगाने की सुविधा देता है। अगर इसे कोई देखता है तो स्टेटस लगाने वाले यूजर्स को इसका पता लगा जाता है। लेकिन एक ऐसा तरीका भी है जिसका यूज करके अगर आप किसी का WhatsApp स्टेटस देखेंगे तो सामने वाले को कोई पता नहीं चलेगा।

यह भी पढ़ें— अब हैकर्स भी हैक नहीं कर पाएंगे आपका Gmail, गूगल ला रहा नया फीचर

ऐसे चुपचुपा देखें दूसरे का WhatsApp स्टेटस
WhatsApp ने कुछ साल पहले Read receipt नाम का एक फीचर जारी किया था। इस फीचर को डिसेबल करके यूजर्स अगर किसी का मैसेज सीन भी कर लेते हैं फिर भी उस मैसेज पर ब्लू टिक नहीं लगता है। इसी फीचर का यूज करके आप स्टेटस को देख सकते हैं और सामने वाले को पता भी नहीं चलेगा। इसका यूज करके आप स्टेटस सीन को भी हाइड कर सकते हैं। ये दोनों ही डिवाइस एंड्रॉयड और आईओएस के लिए काम करता है। इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। आइए जानते हैं उन स्टेप्स को जिन्हें फॉलो करके आप चुपचाप दूसरे का WhatsApp देख सकते हैं।

यह खबर भी पढ़ें:—तुरंत अपडेट कर लें अपना Google Chrome ब्राउजर, हैकर्स चुरा सकते हैं आपका डेटा

अपनाइए ये स्टेप्स
-सबसे पहले आपको WhatsApp ऐप अपने एंड्रॉयड या आईओएस डिवाइस पर ओपन करना होगा। इसके बाद सेटिंग मेन्यू में जाएं। यहां पर आपको प्राइवेसी सेटिंग दिखाई देगी। इस पर क्लिक करके Read receipt पर जाएं और इसे डिसेबल कर दें।
-इससे अगर आप किसी कॉन्टैक्ट का स्टेटस सीन भी करते हैं या किसी का मैसेज भी पढ़ लेते हैं तो सामने वाले को पता नहीं चलेगा। इसमें एक खामी भी है। इस फीचर से आपको भी नहीं पता चल पाएगा कि आपका स्टेटस किसने देखा है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3eSx6iP

इंटरनेट स्पीड के मामले में जापान ने बनाया नया रिकॉर्ड!

नई दिल्ली। आज के इस दौर में इंटरनेट हर किसी के जीवन का एक अहम हिस्सा हो गया है। बिना इंटरनेट के एक जगह से दूसरी जगह जुड़ना और जानकारियों का विस्तार इस कदर नहीं हो पाता जैसे अभी हो रहा हैं। इंटरनेट ने बहुत सारी चीजों को इस कदर आसान कर दिया है कि इंसान एक जगह बैठकर ही संसार के कोने कोने से जुड़ सकता है और बात कर सकता है, साथ ही जानकारियां शेयर कर सकता है। इस प्रकार इंटरनेट ने इंसानों की काफी मदद की है लेकिन कई बार इंटरनेट की कम स्पीड परेशानियों का कारण बन जाती है जिस वजह से कई बार अहम जानकारियां छूट जाती हैं लेकिन जापान ने हाल ही में लैब में शोध की है जिसमें इंटरनेट की स्पीड में रिकॉर्ड कायम किया हैं।

यह भी पढ़ें : घर बैठे कैसे करें पासपोर्ट के लिए अप्लाई

जापान ने हासिल की दुनिया में सबसे अधिक इंटरनेट स्पीड
जापान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश हैं जो तकनीक के मामले में हमेशा कुछ ना कुछ शोध करता रहता हैं। हाल ही में जापान के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (NIICT) ने एक शोध किया है। इस रिसर्च के अनुसार जापान ने इंटरनेट की स्पीड ने सभी रिकॉर्ड्स को धराशाई कर दिया है। बता दें कि लैब में किए गए इस शोध में करीब 319 टेराबाइट पर सेकंड स्पीड़ दर्ज की गई है। जो दुनिया के इतिहास में सबसे अधिक हैं। इस स्पीड का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि बड़ी से बड़ी फाइल को भी इस इंटरनेट स्पीड में चुटकियों में डाउनलोड किया जा सकता है। साथ ही एक साथ बड़ी-बड़ी कई फाइल्स भी डाउनलोड की जा सकती है। आपको बता दें कि ठीक 1 बरस पहले जापान ने NIICT की लैब में एक शोध की थी जिसमें इंटरनेट स्पीड 178 टेराबाइट्स तक हासिल हुई थी।

यह भी पढ़ें : अपने स्मार्टफोन पर घर बैठे IRCTC से बुक करे ट्रेन टिकट

NIICT ने कैसे हासिल की इतनी स्पीड
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इनफॉरमेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी ने बताया हैं कि यह स्पीड हासिल करने के लिए उन्होंने ऑप्टिकल फाइबर केबल का इस्तेमाल किया था। NIICT के शोधकर्ताओं ने कहा है कि मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर केबल में थोड़ा बहुत बदलाव करके ही यह स्पीड पाई जा सकती हैं। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन में पेश की गई अपनी रिपोर्ट के मुताबिक NIICT ने 319 टेराबाइट्स की यह स्पीड हासिल करने के लिए करीब 3001 किमी एक ट्रांसमिशन बनाया था। हालांकि शोधकर्ताओं ने कहा है कि असल में यह स्पीड प्राप्त करने के लिए अभी काफी वक्त इंतजार करना पड़ेगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3xPgW12

तुरंत अपडेट कर लें अपना Google Chrome ब्राउजर, हैकर्स चुरा सकते हैं आपका डेटा

गूगल क्रोम एक पॉपुलर और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला वेब ब्राउजर है। वहीं गूगल ने क्रोम ब्राउजर को लेकर चेतावनी जारी की है और यूजर्स को इसे तुरंत अपडेट करने के लिए कहा है। अगर यूजर क्रोम ब्राउजर को अपडेट नहीं करते हैं तो इसके जरिए हैकर्स उनका निजी डेटा चुरा सकते हैं। दरअसल, गूगल क्रोम में हाल ही एक कमी आई थी, जिसका गलत इस्तेमाल कर हैकर्स यूजर्स का डेटा चुरा सकते हैं। हालांकि गूगल का कहना है कि उसने इस कमी को ठीक कर लिया है। गूगल क्रोम में पाई गई इस बड़े सिक्योरिटी ग्लिच के जरिए हैकर्स यूजर्स के डिवाइस को रिमोटली एक्सेस कर सकते हैं।

तुरंत अपडेट करें क्रोम ब्राउजर
जिन यूजर्स ने अपने डिवाइस में गूगल क्रोम इंस्टॉल कर रखा है, उन्हें तुरंत अपने ब्राउजर को अपडेट करने की जरूरत है। अगर यूजर गूगल क्रोम को अपडेट नहीं करते हैं तो हैकर्स यूजर्स के डिवाइस को कंट्रोल कर सकते हैं। इतना ही नहीं ब्राउजर में कमी की वजह से डेटा के एक्सपोज होने का खतरा भी हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो क्रोम के लेटेस्ट वर्जन को जल्दी से इंस्टॉल कर लें।

यह भी पढ़ें— अब हैकर्स भी हैक नहीं कर पाएंगे आपका Gmail, गूगल ला रहा नया फीचर

google_chrome.png

डार्क वेब पर बेचा जाता है डेटा
गूगल ने अपने ब्लॉग में बताया है कि क्रोम में जो बग पाया गया था, वह पहले से ही इस्तेमाल में पाया गया था, जिसका मतलब है कि यह एक zero-day vulnerability (or 0-day) है। जीरो-डे एक ऐसी सिक्यॉरिटी खामी होती है, जिसका इस्तेमाल हैकर्स उस कंपनी की जानकारी के बिना करते हैं जिसने ऐप या सर्विस बनाई है। इसमें हैकर्स डेटा चुराने के बाद उसे डार्क वेब पर लाखों डॉलर में बेचते हैं।

यह भी पढ़ें— गूगल मैसेज में आ रहा नया फीचर, अपने आप डिलीट हो जाएंगे OTP वाले मैसेज

क्रोम का यह वर्जन है इंस्टॉल तो आप सुरक्षित
जिन यूजर्स के ब्राउजर अपडेट द्वारा पैच नहीं किए गए हैं, वह उस बग से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में क्रोम ब्राउजर पर ओपन-सोर्स जावास्क्रिप्ट इंजन में किसी समस्या के कारण किसी हमलावर को अपने डेटा तक पहुंचने दे सकता है। ऐसे में अपने पुराने क्रोम ब्राउजर को अपडेट कर लें या उसका लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल कर लें। क्रोम वर्जन को अपडेट करने के लिए Settings > Help > About Google Chrome में जाना होगा। अगर आप वर्जन 91.0.4472.164 या बाद का वर्जन चला रहे हैं, तो आप बग से सुरक्षित हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/36KZ4s5