आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण की गिरफ्त हमें है और इसका सबसे ज़्यादा खतरा फ्रोंटलीने में काम कर रहे चिकित्सा कर्मियो और उनके परिजनों को है। कोरोना वायरस की महामारी ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती पेश की है। सोशल डिस्टैंसिंग इस समय एकमात्र उपचार है। ऐसे में एमआइटी के कुछ शोधार्थियों ने घर के लिए एक ऐसा उपकरण बनाया है जो घर में आए किसी भी संक्रमित व्यक्ति की सांस और गतिविधियों को बारीकी से पहचानकर ऑप्ट-इन-सिस्टम के तहत हमें सचेत कर सकता है। यह देखने में किसी वाई-फाई राउटर जैसा नजर आता है। यह विभिन्न गतिविधियों का पता लगाने के लिए वायरलेस सिग्नल का उपयोग करता है जिसमें मरीज की हरकतों, नींद के पैटर्न और यहां तक कि सांस लेना भी शामिल है। एमरल्ड नाम का यह गैजेट अलग-अलग लोगों को ट्रैक करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर अंतर करने में भी सक्षम है। फिलहाल इसका बॉस्टन में परीक्षण चल रहा है।
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