ऐसे में आमतौर पर ई-कॉमर्स से दूर रहने वाले जापान में ऑनलाइन शॉपिंग अपनाने के अलावा कोई बहाना नहीं हो सकता है। प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस सप्ताह के शुरू में टोक्यो और छह अन्य क्षेत्रों के लिए आपातकाल की स्थिति घोषित की। इस दौरान जरूरी दुकानों को छोड़कर अन्य सेवाएं बंद रहेंगी। अमरीका, चीन और भारत की तुलना में जापान में ई-कॉमर्स बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। यहां 2018 में केवल 7 फीसदी लोग ही ऑनलाइन शॉपिंग करते थे। नोमुरा रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता ताकेशी मोरी का कहना है कि आपातकालीन स्थितियों के दौरान ई-कॉमर्स के उपयोगकर्ताओंमें उछाल आया है। मोरी का अनुमान है कि वायरस के प्रकोप के शांत होने के बाद जापान में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों में और वृद्धि हो सकती है।
जापान सरकार भी बीते कुछ सालों से देश में कैशलेस भुगतान को बढ़ावा दे रही है और नई खुदरा प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए व्यवसायों को प्रोत्साहित कर रही है। जापान की वेब खरीदारी की दर अमरीका के मुकाबले बहुत अच्छी है और प्रत्येक पांचवे ऑनलाइन शॉपर वाले चीन की तुलना में कहीं अधिक है। जापानी अब इसे एक आवश्यकता मान रहे हैं। जापानी ई-कॉमर्स कंपनी राकुटेन इंक ने कहा कि हाल के महीनों में ऑनलाइन मार्केटप्लेस की बिग्री एक साल पहले की तुलना में अधिक है।
मार्च में शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया कि 20 से 60 साल की उम्र के केवल 10 फीसदी लोगों ने ऑनलाइन खरीदारी की। अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 39 फीसदी तक बढ़ गया। गूगल के एक मोबिलिटी सेर्वमें सामने आया कि पिछले महीने टोक्यो में खरीदारी करने के लिए घर से निकलने वालों की संख्श 63 फीसदी गिर गया। मार्च में हुए सर्वे में यह अटकलें भी लगाई गईं हैं कि करीब 12 फीसदी लोग नकद लेन देन को लेकर अब भी चिंतित हैं।

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