अगर आप भी अपने लैपटॉप या कंप्यूटर में गूगल क्रोम (Google Chrome) ब्राउजर इस्तेमाल करते हैं तो इसे तुरंत अपडेट कर लें। दरअसल, विंडोज, मैक और लिनक्स प्लेटफॉर्म पर Google Chrome ब्राउजर में कई तरह की गड़बड़ी पाई गई हैं। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स (Cert-in) टीम ने गूगल क्रोम ब्राउजर को लेकर चेतावनी जारी की है। ऐसे में अगर आप भी गूगल क्रोम का पुराना वर्जन 88.0.4324.146 इस्तेमाल कर रहे हैं तो या तो इसे रिप्लेस कर लें या अपडेट कर लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल करें। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने यूजर्स से पुराने क्रोम ब्राउजर को रिप्लेस करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।
जारी की एडवाइजरी
CERT-IN ने अपनी एडवाजरी में कहा है कि गूगल क्रोम ब्राउजर में कई तरह की खामियां पाई गई हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि अटैकर इन खामियों का इस्तेमाल टारगेटेड सिस्टम पर आर्बिटरी कोड एग्जिक्यूट करने के लिए कर सकते हैं। साथ ही कहा गया है कि अटैकर इस खामी का फायदा उठाकर आर्बिटरी कोड लागू कर सिस्टम के डेटा को देखने और बदलने के अलावा डिलीट भी कर सकते हैं।
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क्रोम 89 का बीटा वर्जन रोल आउट किया
टेक जाएंट गूगल ने भी क्रोम में आई इन खामियों को स्वीकार किया है और कहा है कि नए क्रोम वर्जन में 6 सेफ्टी फिक्स मौजूद हैं, जिन्हें एक्स्टीरियर रिसर्चर्स ने शामिल किया है। साथ ही गूगल ने क्रोम 89 का बीटा वर्जन भी रोल आउट कर दिया है। इसमें यूजर्स को आने वाले दिनों में क्रोम के नए वर्जन में प्राइवेसी सेंडबॉक्स के साथ कई नए ऑप्शन मिल सकते हैं। क्रोम 89 के नए टैप पेज में डिसकवर फीड को मोडिफिकेशन के साथ वापस लाए जाने का दावा है।
जुड़ा नया फीचर
हाल ही गूगल ने अपने क्रोम ब्राउजर में एक नया फीचर जोड़ा है, जो यूजर्स को साइबर अटैक से बचाने में मदद करेगा। दरअसल, गूगल ने क्रोम ब्राउजर में एक नया प्राइवेसी फीचर जोड़ा है। यह एक पासवर्ड प्रोटेक्शन फीचर है। इस फीचर को गूगल क्रोम के लेटेस्ट वर्जन वी88 के साथ रोल आउट किया गया है। अगर आपके द्वारा सेव किया गया पासवर्ड कमजोर होगा तो गूगल क्रोम का यह नया फीचर उसे आइडेंटिफाई करेगा और उसे आपको उसे बदलने के लिए कहेगा।
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