Friday, January 1, 2021

2021 - कैसे होंगे हमारे नए यातायात के साधन, आज इनमें से कितने हैं हकीकत

ड्रोन और एयर टैक्सी गतिशीलता और परिवहन के नए साधन बन जाएंगे। ड्रोन का उपयोग निगरानी, वितरण और निर्माण क्षेत्र में किया जाएगा। लेकिन इसके लिए शहरों को भी ऐसे ट्रांसपोर्ट के अनुरूप ढालना होगा। ड्रोन और अन्य नए हवाई वाहनों को लैंडिंग पैड, चार्जिंग पॉइंट और ड्रोन पोर्ट की आवश्यकता होगी। यानी भविष्य की इमारतें भी इन्हीं वाहनों के अनुरूप होंगी। जिनका डिजाइन ज्यादा टिकाऊ होगा।

2021- क्या ड्रोन और एरियल वाहन हमारे शहरों को बदल देंगे?

-शहरों में हवाई टैक्सी के लिए जमीन से सीधे हवा में उड़ान भरने में मदद करने वाले (वीटीओएल या वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग) पैड भी बनाने होंगे
-बहुत सी कंपनियां और स्टार्टअप इलेक्ट्रिक मल्टी-रोटर जेट के साथ ईवीटीओएल विकसित कर रही हैं। इनके चारों ओर भविष्य के लिए एक नया मोटरस्पोर्ट विकसित हो रहा है।
-एयरबस द्वारा किए एक अध्ययन में पाया गया कि वीटीओएल के बारे में ज्यादातर लोग जमीन और शोर के साथ आस-पास खड़े लोगों की सुरक्षा पर केंद्रित हैं।
-इन वाहनों के साथ ही बिल्डिंग्स में लैंडिंग पैड को सौर ऊर्जा देने के लिए एनर्जी स्टोर करने के लिए सौर फोटोवोल्टिक पैनल, डिलीवरी ड्रोन के लिए चार्जिंग पॉइंट और शोर उत्सर्जन को कम करने के लिए भूनिर्माण की जरुरत पड़ेगी।

2021- क्या ड्रोन और एरियल वाहन हमारे शहरों को बदल देंगे?

-उन शहरों में इन हवाई वाहनों की मांग बढ़ेगी जहां ट्रांसपोर्ट के अन्य साधन आबादी की जरुरतों और शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ तालमेल नहीं बिठा पाएंगे। एयरबस के शोध के अनुसार ट्रैफिक पॉल्यूशन से परेशान सैन-फ्रांसिस्को और मैक्सिको जैसे शहरों में जमीन से सीधे हवा में उड़ान भरने वाले वाहनों की सबसे ज्यादा मांग है।
-एक नया वायु यातायात सिस्टम विकसित होगा जिसे होवर स्पेस कहा जाएगा। यहां जमीन से करीब 500 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक ये एयर टैक्सी उड़ान भरेंगी। नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सामने आएगा। इसमें हर ड्रोन और फ्लाइंग टैक्सी नेटवर्क से जुड़े होंगे और सेवा प्रदाता कंपनियों के डिजिटल नेटवर्क और हवाई हाइवे का उपयोग कर अपनी-अपनी तय ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे।

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हाइपरलूप या फ्लाइंग टैक्सी?
-चीन की ई-हैंग स्टार्टअप कंपनी 100 डॉलर में अपने ऑटोनोमस पैसेंजर ड्रोन में लोगों को साल 2015 से ही सवारी करवा रही है। यानी भविष्य उड़ाप भरने वाली टैक्सियों के लिए ज्यादा अनुकूल है। जबकि अरबपति इनोवेटर एलन मस्क के दिमाग की उपज हाइपरलूप में एक वेक्यूम ट्यूब में करीब 1000 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से यात्रा करने का विचार अभी खयाली ही लगता है। इसका सबसे बड़ा कारण जमीन के नीचे या ऊपर हाइपरलूप पॉड के लिए टनल बनाने के लिए जमीन की परेशानी।
-उड़ने वाले स्वाचालित वाहनों पर इस समय नासा, अमेजन, उबर, एयरबस जैसे नामी दिग्गज काम कर रहे हैं। वहीं एलन मस्क के साथ वर्जिन गैलेक्टिक के रिचर्ड ब्रैन्सन और इक्का-दुक्का स्टार्टअप ही हाइपरलूप पर काम कर रहे हैं। हालांकि, इस बीच वर्जिन ने दो सवारों को बिठाकर अपनी पहली टेस्ट ड्राइव का परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया है।

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हॉलैंड में उड़ने वाली कार को अनुमति
-नीदरलैंड्स में उड़ने वाली कारों को संचालित करने की अनुमति दे दी गई है। हॉलैंड में जल्द ही डच कंपनी पाल-वी की 'लिबर्टी' ऑॅटोनामेस कार शहर के ऊपर उड़ान भरती नजर आएगी। यह एक छोटे हेलीकॉप्टर और एयरोडाइनामिक कार का मिला-जुला डिजाइन है। इसमें मुड़ सकने वाले प्रोपेलर भी लगे हैं। द लिबर्टी एक गाइरोकॉप्टर है यानी इसमें शीर्ष पर लगे रोटर इसे उड़ने में सक्षम बनाते हैं। लेकिन वे इंजन द्वारा संचालित नहीं होते हैं। कार के पीछे एक अलग प्रोपेलर इंजन इसे चलाता है। इसे टेकऑफ के लिए कम से कम 590 फीट लंबा और लैंडिंग के लिए 100 फीट लंबा रनवे चाहिए। ड्राइविंग मोड में लिबर्टी करीब 160 किमी प्रति घंटा और उड़ान मोड में इसकी अधिकतम गति 180 किमी प्रति घंटा है।

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वॉकिंग कार भी आ रही है
-सिर्फ उड़ने वाली ही नहीं चलने वाली कार भी आ रही हैं। भूकंप, युद्ध और चक्रवातों के दौरान मलबे से लोगों को निकालने में इन वॉकिंग कार का इस्तेमाल किया जाएगा। सीईएस-2019 में ह्यूंडाई कंपनी ने दुनिया की पहली अल्टीमेट मोबिलिटी व्हीकल या यूएमवी इलेवेट नाम की ऐसी ही एक वॉकिंग कार को प्रस्तुत भी किया गया है। इसके पहिए रोबोटिक पांव की तरह हैं जो कार को चलने, चढऩे और ड्राइव करने में सक्षम बनाता है। यह रोबोट और कार का मिलाजुला मिश्रण है। ने भी ऐसी ही चलने वाली कार बनाई है।

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ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम या डीएमएस
-मोटर वाहन सुरक्षा प्रौद्योगिकी में ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम या डीएमएस तकनीक का महत्व बए़ जाएगा। इसमें वाहन के अंदर-बाहर के वातावरण और ड्राइवर की स्थिति की निगरानी शामिल है। डीएमएस तकनीक से अधिक गतिशील, ठोस और सटीक कैमरा सिस्टम तैयार किया जा सकेगा। यानी ऑटोनोमस ड्राइविंग सिस्टम (एडीएस)। एडीएस एक ही समय में विभिन्न कार्यों को संचालित करता है जैसे रियल टाइम जानकारी, सूचना देना, चालक की क्षमता का आकलन और आवश्यक होने पर ड्राइविंग नियंत्रण को अपने अधिकार में लेना भी शामिल है।

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ड्राइवरलैस इलेक्ट्रिक ट्रक और ट्रेन भी
-डलास से ह्यूस्टन के बीच कोडिएक रोबोटिक्स कंपनी ने ड्राइवरलैस इलेक्ट्रिक ट्रक की भी शुरुआत कर दी है। वहीं जापान की राजधानी टोक्यो में स्वचालित रेल का व्यवहारिक परीक्षण किया जा चुका है। 'यामानोट लाइन ट्रेन' पूर्वी जापान रेलवे निगम की सार्वजनिक यातायात में लंबी छलांग है। इतना ही नहीं भारत में भी पहली चालक रहित ट्रेन दिल्ली मेट्रो की 38 किलोमीटर लंबी लाइन 8 या मजेंटा लाइन पर चलेगी। यह राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के शहरों जैसे नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ में 390 किलोमीटर लंबा नेटवर्क कवर करेगी।

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बिल्ट-इन इंटरनेट कारें
-2021 में दुनिया के विभिन्न देशों में बेचे जाने वाली लग्जरी मॉडल की अधिकांश कारों में बिल्ट-इन इंटरनेट कनेक्शन का फीचर होगा। ये सेवाएं अक्सर स्वतंत्र सेलुलर सेवा के रूप में मुफ्त में या ऐड-ऑन फीचर के रूप में होती हैं। कार निर्माता हमारे निजी डेटा का क्या करेंगे इसे परिभाषित करने के लिए अभी कोई कानून नहीं है। अकेले अमरीका में ही 1.1 करोड़ से ज्यादा 4जी एलटीई डेटा नेटवर्क से जुड़ी कारें हैं।

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पवनऊर्जा से चलने वाली ट्रांसएटलांटिक कार:
स्वीडिश इंजीनियरिंग कंपनी ओशियन बर्ड ने वालेनियस मरीन नाम की एक भविष्य में अगली पीढ़ी की कारब बनाई है जो कार और ट्रक का मिश्रण है। यह अकेला 7 हजार कारों को समुद्री जलमार्गों पर एक-देश से दूसरे देश पहुंचाने का काम करेगा। कंपनी का मुख्य उद्देश्य पवन ऊर्जा को ईंधन में बदलकर कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।



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