Monday, November 18, 2019

वॉकिंग और लिविंग पॉड्स... क्या हम पॉड्स में बदल गए हैं

यह हमारे एक नए सामाजिक नेटवर्क का नाम है। द पॉड होटल्स, वैकल्पिक माइक्रो होटल की एक शृंखला न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया और वाशिंगटन जैसे शहरों में केवल बैठने, लेटने या सर्फिंग के लिए एक कॉम्पैक्ट स्थान उपलब्ध कराते हैं। बीते साल एन्वायरमेंटल मैगजीन में छपे एक लेख के अनुसार एडिबल वॉटर पॉड्स आने वाले समय में प्रतिवर्ष अरबों प्लास्टिक बोतलों का स्थान ले सकती हैं। वहीं इंजीनियर स्वचालित पॉड्स पर भी काम कर रहे हैं। जो एक धीमी गति के शटल वाहन की तरह होंगे जिन्हें मशीनें चलाएंगी। इनसे भविष्य के शहरों में यातायात सुगम हो जाएगा। इसी प्रकार पॉड्स हाउसिंग के जरिए सबके लिए महंगे शहरों में घर का सपना पूरा करने की भी उम्मीद की जा रही है।

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क्या पॉड्स ही हमारा भविष्य हैं?
क्या चलते-फिरते टैंटनुमा वॉकिंग पॉड्स हमारा भविष्य हैं? जिप लगे इन टैंट जैसे पॉड्स में हाथों, पांव और धड़ को आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। जरुरत न हो तो खुद को इसी में पैक भी कर सकते हैं। वर्तमान वैज्ञानिकों का मानना है कि जब पाड्स की बात होती है तो यह सीधे तौर पर एक निजी जगह होती है जहां आप अपने बहुत से जरूरी कामों को आसानी से अंजाम दे सकते हैं। यह इको-फे्रंडली भी है क्योंकि इससे कार्बन फुटप्रिंट को भी नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं इस सूची में अंडे के आकार के स्लीपिंग पॉड्स और प्राइवेसी पॉड्स भी हैं जहां काम कर सकते हैं, फोन बूथ की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इनका आकार हमारी नई जीवनशैली को दर्शाता है जहां हम अंडेनुमा कोकून में खुद को फिर से चार्ज कर सकते हैं। इनमें पॉवर सॉकेट, सर्दी से बचाने के लिए गर्म फर्श और स्टोरेज की जगह होती है। एक बॉल इस सृष्टि की सबसे स्पष्ट और शक्तिशाली त्रिआयामी वस्तु है। इसलिए पॉड्स को भविष्य की दिशा में अंडाकार या गोल बनाया जाता है।

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