क्या होगा इस तकनीक से
जेस्चर कंट्रोल्ड सेंसिंग टेक्नोलॉजी ऐसी क्रांतिकारी तकनीक है जिससे हम अपने टेलीविजन सेट, स्मार्टफोन, कम्प्यूटर जैसे उपकरणों को बिना छुए उन्हें नियंत्रित करने में सक्षम होंगे। सालों से सर्च इंजन गूगल की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड प्रोजेक्ट्स (एटीएपी) यूनिट मोशन सेंसर बनाने का प्रयास कर रही है। गूगल के इस मोशन सेंसर का इस्तेमाल इशारे से नियंत्रित होने वाली संवेदन तकनीक में किया जा सकता है। गूगल के इस प्रोग्राम का नाम है 'प्रोजेक्ट सोली'।
[MORE_ADVERTISE1]
[MORE_ADVERTISE2]
उच्च स्तरीय परीक्षण की अनुमति मांगी
इस सप्ताह अमरीका के संघीय संचार आयोग ने गूगल को सोली सेंसर को उच्च स्तरीय परीक्षण की अनुमति दे दी है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि सेंसर सार्वजनिक हित में होना चाहिए। यह टचलैस हैंड जेस्चर डिवाइस कंट्रोल तकनीक घरेलू उपकरणों में संघीय संचार आयोग के नियमों के तहत ही काम करेगी। हालांकि गूगल ने अभी इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। गूगल के 'प्रोजेक्ट सोली' वेबसाइट पर गूगल की टैगलाइन है 'अब आपके हाथ एकमात्र इंटरफेस है जिसकी आपको जरुरत होगी।'
चिप से होगी कंट्रोल
प्रोजेक्ट सोली के संस्थापक इवान पौपीरेव ने बताया कि सोली सेंसर रडार हार्डवेयर का उपयोग कर हवाई जहाज और उपग्रहों जैसी बड़ी वस्तुओं को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जाता है। उपयोगकर्ता अपने हाथ को झटक कर इसे ट्रैकर करने वाले सेंसर में बदल देता है जो एक माइक्रोचिप के जरिए विभिन्न उपकरणों के साथ जुड़ जाता है। गूगल का दावा है कि इस सोली चिप को कपड़ों, स्मार्टफोन, कम्प्यूटर, कार और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों में लगाया जा सकता है। इसमें हिलने-डुलने वाला कोई पुर्ज़ा नहीं है। यह आसानी से चिप पर फिट हो जाता है और बहुत कम बैटरी पर चलता है। यह तेज धूप और अन्य जटिल मौसम में भी अच्छे से काम करता है।

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2qFoHsA
No comments:
Post a Comment