दक्षिण भारत में नारियल के पेड़ों की खेती बहुतायत में की जाती है। लेकिन तकनीकी विकास के बावजूद आज भी नारियल के पेड़ों से नारियल तोडऩे के लिए परंपरागत तरीकों का ही उपयोग किया जाता है। किसानों की इस परेशानी को देखकर स्थानीय विश्वविद्यालय के छात्रों ने पेड़ों पर चढ़ सकने वाला ऐसा रोबोट बनाया है जो नारियल के ऊंचे पेड़ों पर सरपट चढऩे के साथ ही नारियल भी तोड़ता है। कोयम्बटूर स्थित अमृता विश्व विद्यापीठम विश्वविद्यालय के छात्रों का बनाया यह अमारैन नाम का रोबोट सहायक प्रोफेसर राजेश कन्नन मेगालिंगम और उनकी टीम ने बनाया है। तीन साल के दौरान यह अब तक छह अलग-अलग डिजायनों से गुजर चुका है।
ऐसे करता है काम
बड़े छल्ले के आकार के इस रोबोट को नारियल के पेड़ के सबसे नीचे वाले हिस्से के चारों ओर सेट कर दिया जाता है। इसके बाद इसमें अंदर की ओर रबर से बने आठ पहिए लगे हुए हैं जो इसे नीचे से ऊपर की ओर चढऩे और उतरने में मदद करते हैं। इसे एक वायरलैस कंट्रोल पैनल से नियंत्रित किया जाता है। इस तने के चारों ओर हरकत में लाने के लिए एक जॉयस्टिक यूनिट और स्मार्टफोन ऐप भी बनाई गई है। ऊपर पहंचने पर इसके रोबोटिक्स हाथों में लगे धारदार ब्लेड की मदद से यह नारियल के गुच्छों को काटकर नीचे गिरा देता है।
अमारैन के बारे में खास-खास
-50 फीट की ऊंचाई तक चढ़ सकता है रोबोट
-30 डिग्री के एंगल जितने मोटे तने पर फिट हो सकता है
-15 मिनट का समय लगता है चढ़ने में
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