जो लोग व्हीलचेयर पर होते हैं उनके लिए यही इनकी दुनिया बन जाती है। लेकिन अब ऐसे लोगों के भी दिन बदलने वाले हैं। ऐसे लोगों को व्हीलचेयर पर बैठे रहने को विवश नहीं होना पड़ेगा। दरअसल, इंग्लैंड के ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एक 'स्मार्ट पैंट-ट्राउजर' विकसित कर रहे हैं जो लोगों को खड़े होने, सीढिय़ां चढऩे और व्हीलचेयर के बिना चलने-फिरने में मदद कर सकती है।
बेहतर हो सकेगी जिंदगी
ब्रिटिश विज्ञान मेले में ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के रोबोटिक्स प्रयोगशाला के प्रोफेसर जोनाथन रॉसिटर ने प्रतिभागियों को बताया कि इस पैंट को बनाने के पीछे टीम का उद्देश्य शारीरिक रूप से चल-फिर पाने में अक्षम लोगों को नई उम्मीद देने था। ताकि वे अपने शयनकक्ष से बाहर निकलें और दुनिया देख सकें। अगर ये पैंट्स काम कर जाती हैं तो ये ऐसे लोगों की कार्यक्षमता और आप उनकी कार्यात्मक क्षमता को बढ़ाएगा साथ ही उसकी लोगों पर निर्भरता को कम करेगा। इतना ही नहीं इससे इलाज, देखभाल और खर्च में भी कमी आएगी। जोनाथन ने कहा कि हमारा सपना इन उपकरणों को सर्वव्यापी बनाना है ताकि आने वाले छह या सात सालों में हर कोई इनका उपयोग कर अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल कर सके। जोनाथन को उम्मीद है कि इस पैंट से क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।
कैसे करेगी ये स्मार्ट पैंट काम
यह रोबोटिक पैंट हमारे शरीर की मांसपेशियों और हड्डियों को गतिशील बनाने वाली आंतरिक तकनीकों की नकल कर सकती है। यह मुलायम ग्रेफीन नामक तत्त्व से बनी हुई है जो घुटनों और टखनों को सहारा देने के लिए गर्मी के संपर्क में आने पर सख्त हो जाती है। इसमें प्लास्टिक के छोटे बुलबुलों जैसी संरचना होती हैै जिसे कृत्रिम मांसपेशियों के रूप में इस्तेमाल करने के लिए फुलाया जा सकता है। पहनने और उतारने में आसान यह पैंट उपयोगकर्ता के स्वास्थ्य और गतिविधियों से संबंधी आंकड़ों का भी संचय करती है। जिसे उपयोगकर्ता और चिकित्सक अपने कम्प्यूटर पर देख सकते हैं।

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