भारतीय छात्र अर्जुन नीरवन्नन ने अमरीका की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित विज्ञान और गणित की 'द साइंस टैलेंट सर्च' प्रतियोगिता में टॉप-40 में जगह बनाने में कामयाब रहे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर एंटी-बुलीइंग ऐप बनाई है। 1942 में सोसाइटी फॉर साइंस एंड पब्लिक द्वारा स्थापित द रीजेनेरोन साइंस टैलेंट सर्च प्रतियोगिता हाईस्कूल के बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बेहतरीन मंच है। क्योंकि यहां जीतने वाले पूर्व छात्र दुनिया के 100 से अधिक प्रतिष्ठित विज्ञान और गणित सम्मान प्राप्त कर चुके हैं जिनमें 13 नोबेल पुरस्कार भी शामिल हैं। इस साल भी इस प्रतियोगिता के 40 फाइनलिस्ट में से 9 भारतीय मूल के हैं जो करीब 23 फीसदी हिस्सेदारी है। यूनिवर्सिटी हाई स्कूल, कैलिफोर्निया के भारतीय मूल के अमरीकी छात्र अर्जुन को इस साल प्रतियोगिता के टॉप 40 में चुना गया है। अब वे 5 से 11 मार्च के बीच वाशिंगटन डीसी में एसटीएस के फाइनल वीक में हिस्सा लेंगे।
क्या करती है अर्जुन की ऐप
दरअसल अर्जुन की ऐप उन लोगों खासकर उन अप्रवासी भारतीयों को साइबरबुलीइंग से बचाती है जिन्हें नस्लभेद और रोजगार के कारण अमरीका में साइबरबुलीइंग का शिकार होते हैं। यह अपराध एक खास समुदाय के विरुद्ध स्कूल से ही शुरू हो जाते हैं। अर्जुन का कहना है कि साइबरबुलिंग एक वैश्विक समस्या है जो लाखों किशोरों और बच्चों को प्रभावित करती हैं। विशेष रूप से अप्रवासी, जिनमें से कई नस्लवादी या अपमानजनक सांस्कृतिक टिप्पणियों का रोज सामना करते हैं। इसलिए उन्होंने एक उपकरण बनाने का विचार किया जो साइबरबुलिंग और भद्दी भाषा बोलने वालों के बारे में बच्चों को सतर्क, अभिभावकों को सूचित और समाज को शिक्षित कर सके। एआइ के इस्तेमाल से उन्हें भाषाई संदर्भ की Problem का समाधान मिल गया। कम्प्युटर कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर उन्होंने एक ऐसी ऐप विकसित की है जो साइबर बुलीइंग के दौरान अलग-अलग भाषा और स्लैँग में बोले जाने वाले अपशब्दों का अर्थ समझा सकती है। इतना ही नहीं ऐप इसका एलर्ट मैसेज भी अभिभावकों तक पहुंचाता है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2TnqTQn
पूजा-पाठ का अर्थ केवल भगवान की स्तुति कर उन्हें प्रसन्न करना नहीं होता बल्कि यह अपने मन की शांति के साथ अपने आस-पास सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए भी पूजा-पाठ का बहुत महत्व है लेकिन पूजा करते समय...
भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि से अच्छा कोई शुभ अवसर नहीं है। इस बार महाशिवरात्रि 21 फरवरी की है। इस दिन भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए लोग व्रत रखते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त इस...
Vijaya Ekadashi 2020: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। महीने में दो बार एकादशी आती हैं। एक शुक्ल पक्ष के बाद और दूसरी कृष्ण पक्ष के बाद। पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को...



Kalashtami 2020: कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के विग्रह रूप काल भैरव भगवान की पूजा की जाती है। हिन्दू कैलेंडर के हर मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। इस साल कालाष्टमी 15 फरवरी...
Mahashivratri 2020: हिंदू पंचांग के अनुसार शिवरात्रि के दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त भोलेनाथ की पूजा और व्रत करते हैं। इस साल शिवरात्रि का पर्व 21 फरवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। शिवपुराण...
Jaya Ekadashi 2020: हिन्दू धर्म में जया एकादशी व्रत अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को ब्रह्म हत्या जैसे महापाप से भी मुक्ति मिल जाती है। इस...