Monday, February 24, 2020

साइबर बुलीइंग से अप्रवासियों को बचने के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से लेस एंटी-बुलीइंग ऐप बनाया

भारतीय छात्र अर्जुन नीरवन्नन ने अमरीका की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित विज्ञान और गणित की 'द साइंस टैलेंट सर्च' प्रतियोगिता में टॉप-40 में जगह बनाने में कामयाब रहे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर एंटी-बुलीइंग ऐप बनाई है। 1942 में सोसाइटी फॉर साइंस एंड पब्लिक द्वारा स्थापित द रीजेनेरोन साइंस टैलेंट सर्च प्रतियोगिता हाईस्कूल के बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बेहतरीन मंच है। क्योंकि यहां जीतने वाले पूर्व छात्र दुनिया के 100 से अधिक प्रतिष्ठित विज्ञान और गणित सम्मान प्राप्त कर चुके हैं जिनमें 13 नोबेल पुरस्कार भी शामिल हैं। इस साल भी इस प्रतियोगिता के 40 फाइनलिस्ट में से 9 भारतीय मूल के हैं जो करीब 23 फीसदी हिस्सेदारी है। यूनिवर्सिटी हाई स्कूल, कैलिफोर्निया के भारतीय मूल के अमरीकी छात्र अर्जुन को इस साल प्रतियोगिता के टॉप 40 में चुना गया है। अब वे 5 से 11 मार्च के बीच वाशिंगटन डीसी में एसटीएस के फाइनल वीक में हिस्सा लेंगे।

साइबर बुलीइंग से अप्रवासियों को बचने के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से लेस एंटी-बुलीइंग ऐप बनाया

क्या करती है अर्जुन की ऐप
दरअसल अर्जुन की ऐप उन लोगों खासकर उन अप्रवासी भारतीयों को साइबरबुलीइंग से बचाती है जिन्हें नस्लभेद और रोजगार के कारण अमरीका में साइबरबुलीइंग का शिकार होते हैं। यह अपराध एक खास समुदाय के विरुद्ध स्कूल से ही शुरू हो जाते हैं। अर्जुन का कहना है कि साइबरबुलिंग एक वैश्विक समस्या है जो लाखों किशोरों और बच्चों को प्रभावित करती हैं। विशेष रूप से अप्रवासी, जिनमें से कई नस्लवादी या अपमानजनक सांस्कृतिक टिप्पणियों का रोज सामना करते हैं। इसलिए उन्होंने एक उपकरण बनाने का विचार किया जो साइबरबुलिंग और भद्दी भाषा बोलने वालों के बारे में बच्चों को सतर्क, अभिभावकों को सूचित और समाज को शिक्षित कर सके। एआइ के इस्तेमाल से उन्हें भाषाई संदर्भ की Problem का समाधान मिल गया। कम्प्युटर कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर उन्होंने एक ऐसी ऐप विकसित की है जो साइबर बुलीइंग के दौरान अलग-अलग भाषा और स्लैँग में बोले जाने वाले अपशब्दों का अर्थ समझा सकती है। इतना ही नहीं ऐप इसका एलर्ट मैसेज भी अभिभावकों तक पहुंचाता है।



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Saturday, February 22, 2020

पूजा करने के दौरान इन 5 बातों को कभी न करें अनदेखा, भगवान की विशेष कृपा पाने के लिए जरूर करें पालन

पूजा-पाठ का अर्थ केवल भगवान की स्तुति कर उन्हें प्रसन्न करना नहीं होता बल्कि यह अपने मन की शांति के साथ अपने आस-पास सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए भी पूजा-पाठ का बहुत महत्व है लेकिन पूजा करते समय...

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Wednesday, February 19, 2020

Mahashivratri 2020: 21 फरवरी को है महाशिवरात्रि, जानें व्रत के नियम

भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि से अच्छा कोई शुभ अवसर नहीं है। इस बार महाशिवरात्रि 21 फरवरी की है। इस दिन भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए लोग व्रत रखते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त इस...

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Monday, February 17, 2020

Vijaya Ekadashi 2020: 19 फरवरी को है विजया एकादशी, भगवान विष्‍णु को प्रसन्न करने के लिए इस शुभ मुहूर्त में ऐसे करें पूजा

Vijaya Ekadashi 2020: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। महीने में दो बार एकादशी आती हैं। एक शुक्ल पक्ष के बाद और दूसरी कृष्ण पक्ष के बाद। पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को...

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गूगल मैप ने वैगन में रखे 99 मोबाइल को बताया ट्रैफिक जाम

साइमन एक छोटी ट्रॉली में करीब 99 स्मार्टफोन लेकर अकेले ही बर्लिन की सड़कों पर निकले थे। वे हाथ से ट्रॉली को खींचते हुए गलियों और सड़कों पर घूमते रहे। गूगल मैप ने उस जगह के यातायात के बारे में पूर्वानुमान बताया कि साइमन वाला इलाके में इस समय जबरदस्त जाम की स्थिति बनी हुई है। जबकि साइमन जहां थे वह सड़क बिल्कुल खाली थी।

गूगल मैप ने वैगन में रखे 99 मोबाइल को बताया ट्रैफिक जाम

क्यों मिली गलत जानकारी
दरअसल गूगल मैप्स जैसी एप्लिकेशन सड़क पर हमारे साथ मौजूद स्मार्टफोन की लोकेशन और उसकी गति की निगरानी के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा आउटसोर्सिंग के जरिए प्रदान करती हैं। डेटा आउटसोर्सिंग करने वाली आर्स टेक्नीसिया कंपनी ने यह अनुमान लगाया कि इतने सारे फोन असल में उस जगह मौजूद होंगे क्योंकि ये चालक द्वारा ले जाए जा रहे हैं। 30 साल के साइमन वेकर्ट इसके जरिए यह दिखाना चाहते थे कि आधुनिक तकनीक का हमारे जीवन पर कितना व्यापक असर पड़ता है। साइमन का कहना है कि तकनीक हमें बेहतर बनाती है लेकिन ऐसी तकनीक का क्या लाभ जो हमें गलत सूचना दे।

गूगल मैप ने वैगन में रखे 99 मोबाइल को बताया ट्रैफिक जाम

तकनीक को सही इस्तेमाल करना भी ज़रूरी

यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आज तकनीक ही हमारेक रोजमर्रा के जीवन को आकार और दिशा दे रही है। साइमन ने कहा कि 20 साल पहले स्मार्टफोन के आगमन के साथ ही गूगल मैप्स, एप्पल मैप्स और वेज ने तकनीक के माध्यम से समाज को आकार देने का काम किया है। लेकिन आज ऐप बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते इन ऐप्स ने जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने समग्र यातायात को और बदतर बना दिया है। अपनी वेबसाइट पर साइमन ने कहा कि ऐप ने मौलिक रूप से मैप के बारे में हमारी समझ बदल कर रख दी है। वे एक वास्तविक शहर में आभासी परिवर्तन का प्रतीक भर हैं। उन्होंने कहा कि 'गूगल मैप्स हैक्स' का उद्देश्य केवल लोगों की उस निर्भरता को तोडऩा है जो उन्होंने तकनीक और प्रौद्योगिकी पर बना रखी है।

गूगल मैप ने वैगन में रखे 99 मोबाइल को बताया ट्रैफिक जाम

फैक्ट फाइल
-15000 से अधिक बार रिट्वीट किया गया साइमन का ट्वीट
-35000 लाइक्स साझा किए गए थे उनके ट्विटर अकाउंट पर

गूगल मैप ने वैगन में रखे 99 मोबाइल को बताया ट्रैफिक जाम

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Hollywood का एक बड़ा स्टूडियो सालाना 4 करोड़ किलोवॉट बिजली की खपत करता है

हाल ही में हुए Oscar's Awards के चकाचौंध से भरपूर भव्य आयोजन में अश्वेतों को समान अवसर और स्थान न मिलना, भेदभाव, महिला कलाकारों और निर्देशकों के साथ दुव्र्यवहार और जलवायु परिवर्तन से लेकर वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे भी छाए रहे। जनवरी में आयोजित Golden Globe Award's के दौरान भी डीजल जनरेटर और अनावश्यक बिजली उपयोग जैसे मुद्दों ने दुनिया का ध्यान हॉलीवुड की ओर खींचा था। कार्बन फुटप्रिंट (Carbon Footprints) को कम करने के लिए हॉलीवुड स्टूडियोज को सुझाव देने वाली युवा पर्यावरण एक्टिविस्ट एमिली ओ'ब्रायन बताती हैं कि जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन का दबाव बढ़ रहा है हॉलीवुड स्टूडियोज ने भी फिल्म निर्माण के उन तरीकों पर रोक लगाने का प्रयास किया है जो जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं। कुछ स्टूडियोज जहां सौर ऊर्जा पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं तो बाकी ऊर्जा बचाने के अन्य विकल्प ढूंढ रहे हैं। ओ'ब्रायन का कहना है कि प्रोडक्शन हाउस इस पर काम तो कर रहे हैं लेकिन उनके प्रयास अब भी नाकाफी हैं।

Hollywood का एक बड़ा स्टूडियो सालाना 4 करोड़ किलोवॉट बिजली की खपत करता है

Studio's नहीं ले रहे रुचि
राइनहेमर का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के मकसद से Paramount apaictures, Warner Brother's, Disney, Sony Pictures जैसे बड़े स्टूडियो के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात कर चुके हैं लेकिन ज्यादातर इस विषय पर कम ही रुचि ले रहे हैं। स्टूडियो में राशेनी के लिए अब भी डीजल जनरेटर्स का इस्तेमाल किया जाता है जो जलने पर प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की तुलना में लगभग 40 फीसदी अधिक कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन करता है।

Hollywood का एक बड़ा स्टूडियो सालाना 4 करोड़ किलोवॉट बिजली की खपत करता है

करोड़ों यूनिट बिजली की खपत
कुछ बड़े हॉलीवुड स्टूडियो के लिए तकनीकी सेवाएं देने वाले समूह के उपाध्यक्ष डगलस रेनहाइमर कार्बन उत्सर्जन को कम करना जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि एक बड़ा स्टूडियो अकेले सालाना 40 मिलियन (4 करोड़) किलोवाट से बिजली की खपत करता है। यह एक छोटे शहर को मिलने वाली बिजली आपूर्ति के बराबर है। सौर पैनल भी विकल्प नहीं है क्योंकि हॉलीवुड स्टूडियो की इमारतें द्वितीय विश्वयुद्ध (Worls War II) से पहले की बनी हुई हैं। ज्यादा वजन पडऩे से छतें दरक कर गिर सकती हैं।

Hollywood का एक बड़ा स्टूडियो सालाना 4 करोड़ किलोवॉट बिजली की खपत करता है

ग्रीन गाइड कर रहे मदद
अधिकांश स्टूडियो डीजल जनरेटर जैसे कारकों से होने वाले उत्सर्जन का रिकॉर्ड रखने के लिए उसे ट्रैक करते हैं। डेटा को कार्बन फुुटप्रिंट रिपोर्ट के रूप में प्रत्येक टीवी शो और फिल्म के हिसाब से तैयार किया जाता है। इसे ज्यादातर प्रोडक्शन हाउस के सहयोग से बनाई संस्था 'ग्रीन प्रोडक्शन गाइड' के सदस्य संचालित करते हैं। हालांकि सभी स्टूडियोज अपना डेटा सही नहीं बताते इसलिए स्पष्टता की कमी है। कार्बन उत्सर्जन में हॉलीवुड की प्राकृतिक गैस से चलने वाली टरबाइन ऊर्जा से 35 % की कमी आई है।

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Saturday, February 15, 2020

Kalashtami 2020: आज है कालाष्टमी, इस दिन भूलकर भी न करें ये काम

Kalashtami 2020: कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के विग्रह रूप काल भैरव भगवान की पूजा की जाती है। हिन्दू कैलेंडर के हर मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। इस साल कालाष्टमी 15 फरवरी...

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Tuesday, February 4, 2020

महाशिवरात्रि 2020 : जानें कब है महाशिवरात्रि, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि भी जान लें

Mahashivratri 2020: हिंदू पंचांग के अनुसार शिवरात्रि के दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त भोलेनाथ की पूजा और व्रत करते हैं। इस साल शिवरात्रि का पर्व 21 फरवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। शिवपुराण...

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Jaya Ekadashi 2020: 5 फरवरी को है जया एकादशी, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Jaya Ekadashi 2020: हिन्‍दू धर्म में जया एकादशी व्रत अत्‍यंत कल्‍याणकारी माना जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को ब्रह्म हत्या जैसे महापाप से भी मुक्ति मिल जाती है। इस...

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