Saturday, October 30, 2021

Internet Shutdown: नेटबंदी से परेशान हैं, तो करें ये काम

पहले उपद्रव या अन्य अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए सरकारें नेटबंदी का सहारा लेती थीं, लेकिन अब यह आम हो गया। आम आदमी नेटबंदी रोक तो नहीं सकता, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो इससे होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। सूचना के बाद नेटबंदी से एक दिन पहले ये तैयारियां कर लेनी चाहिए।

-अव्वल तो संबंधित शहर में बड़ी परीक्षा या बंद के दिन यात्रा को टाल दें। इससे आप भी मुश्किल में नहीं फंसेंगे और भीड़ का हिस्सा भी नहीं होंगे। जाना जरूरी है और जगह अनजान है, तो पहले ही गूगल मैप का ऑफलाइन ऐप डाउनलोड कर लीजिए।

-इंटरनेट के बिना आप किसी भी ई-ट्र्रांजेक्शन सुविधा का लाभ नहीं ले सकते, लिहाजा जरूरत के हिसाब से एक दिन पहले ही कैश निकालकर अपने पास रखें, ताकि खरीदारी या गाड़ी में तेल भरवाने के लिए आपको परेशानी न हो।
-नेटबंदी वाले दिन यदि किसी से अपॉइंटमेंट लेकर मिलना है, तो यह भी नेट के बिना संभव नहीं होगा। इसलिए एक दिन पहले ही अपॉइंटमेंट लेना ज्यादा सही रहेगा।

इन जरूरी सेवाओं को रिशेड्यूल करें
फूड : ऑनलाइन फूड सर्विसेज प्रभावित होने से अकेले रहने वाले विद्यार्थी और अन्य लोगों की परेशानी तो बढ़ती ही है, साथ ही यदि इस सुविधा के भरोसे पार्टी तय की है, तो खाने की वैकल्पिक व्यवस्था करें अथवा इसे रिशेड्यूल कर लें।

मीटिंग : गूगल मीट या जूम मीटिंग अब हमारी जरूरत बन गया है। चूंकि नेटबंदी की घोषणा सामान्यत: एक दिन पहले होती है, इसलिए एक दिन पहले तय मीटिंग का शेड्यूल बदला जा सकता है। यदि पहले से निर्धारित है, तो समय रहते ही रिशेड्यूल कर लें। इसी तरह ऑनलाइन क्लासेज या अन्य ऑनलाइन गतिविधियों को भी बदल सकते हैं।

टैक्सी : यदि आप टैक्सी के भरोसे कहीं जा रहे हैं, तो ध्यान रखें आप कैब बुक नहीं कर पाएंगे। इसलिए एक दिन पहले ही किसी परिचित को मदद के लिए बोल सकते हैं अथवा गंतव्य शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जानकारी कर लें। इसके अलावा टे्रन या होटल आदि की बुकिंग के बारे में भी पहले पता कर लें।

नेट से जुड़े कामों की लिस्ट बना लें
लिस्टिंग करना अच्छी आदत है। नेटबंदी की परेशानी से बचने के लिए भी आप ऐसे कार्यों को सूचीबद्ध कर सकते हैं, जो इंटरनेट से जुड़े हैं। जरूरी कार्य को एक दिन पहले कर सकते हैं, जैसे बिल पे करना, टीवी या मोबाइल का रिचार्ज आदि। कम जरूरी को आगे बढ़ा सकते हैं, लेकिन लिस्टिंग करने से आपको हड़बड़ी नहीं रहेगी।

*कंटेंट-राजेश गौतम (आइटी एक्सपर्ट, जयपुर)



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METAVERSE : मेटावर्स यानी आभासी दुनिया के दीदार

अपनी अलग पहचान बनाने के बाद फेसबुक ने अपना नाम बदलकर ‘मेटा’ कर दिया है। दरअसल फेसबुक ने नई तकनीक मेटावर्स के लिए खुद को रिब्रांड किया है। सोशल मीडिया कंपनी अपना नाम बदलने के साथ काफी कुछ नया करने की तैयारी में है। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग पहले कह चुके हैं कि फेसबुक एक ऐसी ऑनलाइन दुनिया तैयार कर रही है, जो यूजर को अलग सा अनुभव कराएगी।

क्या है मेटावर्स? (What is Metaverse?)
मेटावर्स एक वर्चुअल वल्र्ड यानी ऐसी आभासी दुनिया है जिससे यूजर्स डिजिटल वल्र्ड में प्रवेश कर सकेंगे। इस दुनिया में यूजर्स की अलग पहचान होगी। यहां वर्चुअल घूमने से लेकर सामान की खरीदारी और दोस्तों-रिश्तेदारों से मिल सकेंगे। फेसबुक खुद को एक सोशल मीडिया कंपनी से आगे ले जाकर कुछ नया और अलग करने की तैयारी में है।

ये कंपनियां कर रहीं मेटावर्स पर काम
मेटावर्स में सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, एसेट रिक्रिएशन, इंटरफेस रिक्रिएशन, प्रोडक्ट और फाइनेंशियल सर्विसेस जैसी कई कैटेगरी होती हैं। इन सभी कैटेगरी पर सैकड़ों कंपनियां काम कर रही हैं। फेसबुक के अलावा गूगल, एपल, स्नैपचैट और एपिक गेम्स वो बड़े नाम हैं, जो मेटावर्स पर कई सालों से काम कर रहे हैं। अनुमान है कि 2035 तक मेटावर्स 74.8 लाख करोड़ रुपए की इंडस्ट्री हो सकती है।

कैसे काम करता है?
मेटावर्स का इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में वर्चुअल, इंटरेक्टिव स्पेस को समझाने के लिए किया जाता है। मेटावर्स ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी तकनीक के कॉम्बिनेशन पर काम करता है।

एक उदाहरण से समझें
मेटावर्स से इंटरनेट का इस्तेमाल कैसे बदलेगा, इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। जैसे- वर्चुअल वल्र्ड को एंजॉय कर रहे हैं। यहां की एक दुकान में आपको एक टीवी पसंद आ गया, तो उसे खरीद सकेंगे। इसे खरीदने के लिए डिजिटल करंसी का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां पर आप जो भी एड्रेस देंगे, वहां पर इस टीवी को डिलीवर कर दिया जाएगा। इस तरह आप वर्चुअल शॉपिंंग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

दूसरे प्लेटफार्म पर इस्तेमाल कर सकता है फेसबुक
फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि आने वाले समय में मेटावर्स दुनिया की वास्तविकता होगी। वो मेटावर्स तकनीक की इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहते हैं। कई मीडिया रिपोट्र्स में दावा किया गया है कि फेसबुक अपने दूसरे प्लेटफार्म जैसे वाट्सऐप पर भी मेटावर्स तकनीक का प्रयोग कर सकता है। इस तरह यूजर को कुछ नई चीज मिलने के साथ अनुभव भी पहले से बेहतर होगा। फेसबुक के आधिकारिक ब्लॉग के अनुसार, कंपनी अभी मेटावर्स को बनाने के शुरुआती चरण में है। मेटावर्स को पूरी तरह से विकसित होने में 10 से 15 साल लग सकते हैं,क्योंकि मेटावर्स को केवल कोई एक कंपनी मिलकर नहीं बना सकती। ये अलग-अलग टेक्नोलॉजी का बड़ा सा जाल है जिस पर कई कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं।



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Tuesday, October 26, 2021

भारत में 5G के लिए करना पड़ सकता है इंतज़ार

नई दिल्ली। 5G टेक्नोलॉजी वर्तमान समय में दुनिया की सबसे तेज़ मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी है। दुनिया के कुछ देशों में 5G टेक्नोलॉजी उपलब्ध हो चुकी है। भारत में भी इस तेज़ स्पीड वाली मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी का इंतज़ार है। पर अब लगता है कि भारत में 5G टेक्नोलॉजी के लिए लोगों को और इंतज़ार करना पड़ सकता है।

करना पड़ सकता है अगले साल अक्टूबर तक इंतज़ार

एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार भारत में ट्रायल की पूरी प्रोसेस के बाद 5G मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी के ऑफिशियल रोल-आउट के लिए लोगों को अक्टूबर 2022 तक इंतज़ार करना पड़ सकता है।
हालांकि अगर टेलीकॉम कंपनियां ट्रायल की प्रोसेस जल्दी पूरी करती है तो 5G का ऑफिशियल रोल-आउट अक्टूबर से कुछ पहले भी हो सकता है।

5G का इंतज़ार लंबा होने का कारण

भारत में 5G मोबाइल नेटवर्क का इंतजार लंबा होने का कारण है देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों भारती एयरटेल (Bharti Airtel), रिलायंस जियो (Reliance Jio) और वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) द्वारा दूरसंचार विभाग (DoT) से 5G ट्रायल के लिए मांगा गया एक्स्ट्रा समय। इन सभी कंपनियों ने 5G ट्रायल के लिए एक्स्ट्रा 6 महीने का समय मांगा है। इससे पहले 5G ट्रायल की समय-सीमा इस साल नवंबर में समाप्त हो रही है।

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केंद्र सरकार कर चुकी है स्पेक्ट्रम आवंटित

केंद्र सरकार इस साल मई में देश के अलग-अलग हिस्सों में 5G के ट्रायल के लिए टेलीकॉम कंपनियों को 700 मेगाहर्ट्ज बैंड, 3.3-3.6 गीगाहर्ट्ज़ बैंड और 24.25-28.5 गीगाहर्ट्ज़ बैंड के स्पेक्ट्रम आवंटित कर चुकी है।



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Monday, October 25, 2021

अब ऑनलाइन रिचार्ज के लिए देना होगा प्रोसेसिंग चार्ज, Phone Pe का नया फीचर

यदि आप मोबाइल बिल्स या रिचार्ज करने के लिए Phone Pe एप को प्रयोग में लाते हैं। तो यह खबर आपके जेब पर असर डाल सकती है। दरअसल हाल ही में Phone Pe ने अपने फीचर्स में बदलाव किया है। जिसके तहत अब इस एप के माध्यम से मोबाइल रिचार्ज करने पर यूजर को प्रोसेसिंग चार्ज या प्रकिया शुल्क अदा करना होगा। कॉमर्शियल कंपनी वॉलमार्ट के इस डिजीटल पेमेंट उपक्रम Phone Pe ने हाल में जारी किये अपने नये अपडेट में बताया है कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 50 रूपये से अधिक का रिचार्ज करने पर 1 से 2 रूपये बतौर प्रसोसिंग शुल्क के भुगतान करना होगा। गौरतलब है कि अभी तक यूपीआई से ऑनलाइन पेमेंट्स करने के लिए कोई भी प्लेटफॉर्म शुल्क नहीं वसूलता है।

इस बदलाव के साथ ही Phone Pe क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करने वाले यूजर्स को भी अब प्रत्येक लेन देन पर अतिरिक्त प्रोसेसिंग चार्ज देना होगा। Phone Pe पहले इस सेवा को फ्री में प्रदान करता था। जबकि कुछ डिजीटल प्लेटफार्म इसके लिए शुल्क वसूलते थे।

Phone Pe के प्रवक्ता हाल ही में एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस डिजीटल भुगतान प्लेटफॉर्म की सेवा शर्तो में हो रहे परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होनें बताया कि Phone Pe इस छोटे छोटे हिस्सों में एक नये प्रयोग को बढ़ावा दे रहा है। इसी के अंतर्गत मोबाइल रीचार्ज के लिए प्रोसेसिंग चार्ज का भुगतान करना होगा। 50 रूपये से कम कीमत के रीचार्ज के लिए कोई शुल्क नहीं होगा। जबकि 50 से ऊपर के भुगतान पर 1 रूपये तथा 100 से ऊपर के भुगतान पर 2 रूपये बतौर शुल्क वसूले जांएगें।

बता दें कि कि भारत में यूपीआई आधारित ट्रांजैक्शन के लिए थर्ड पार्टी एप का प्रयोग करने वालों में Phone Pe के यूजर्स की संख्या सबसे ज्यादा है। ऑनलाइन वित्तीय लेने देन के लिए सबसे लोकप्रिय एप है। हालांकि इस नए फीचर के बाद Phone Pe के यूजर प्रभावित हो सकते हैं। क्यूंकि अन्य किसी भी ऑनलाइऩ भुगतान प्लेटफार्म के द्वारा इस तरह का शुल्क नहीं वसूला जाता है। ऐसें में उपभोक्ता अन्य विकल्पों को आजमा सकता है।

हालांकि इस पर सफाई देते हुए Phone Pe के प्रवक्ता ने कहा है कि वे ऐंसें पहला माध्यम नहीं हैं, जो प्रोसेसिंग शुल्क वसूल रहें हैं। कई अन्य प्लेटफार्म किसी ना किसी रूप में यह शुल्क वसूलते रहते हैं।



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जल्द महंगे हो सकते हैं एयरटेल, जियो और वी के रिचार्ज प्लान्स, जानिए कारण

नई दिल्ली। एयरटेल (Airtel), जियो (Jio) और वी (Vodafone Idea) भारत की तीन बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं। कॉम्पीटिशन के इस दौर में हर टेलीकॉम कंपनी की यह कोशिश रहती है कि ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़े। पर ग्राहक उसी नेटवर्क को चुनते है जो बेहतर सुविधा देने के साथ ही किफायती रिचार्ज प्लान्स उपलब्ध कराएं। पर अब जल्द ही एयरटेल, जियो और वी के रिचार्ज प्लान्स की कीमतें बढ़ सकती हैं।

रिचार्ज प्लान्स महंगे होने का कारण

एयरटेल, जियो और वी के रिचार्ज प्लान्स जल्द ही अगर महंगे होते हैं तो इसका कारण होगा हाल अमेज़न का अमेज़न प्राइम की सब्सक्रिप्शन फीस बढ़ाना। अमेज़न प्राइम का सब्सक्रिप्शन अब करीब 50 % तक महंगा हो जाएगा। इससे अमेज़न प्राइम का 999 रुपये वाला पैक 1,499 रुपये का, 329 रुपये वाला पैक 459 रुपये का और 129 रुपये वाला पैक 179 रुपये का हो जाएगा। वर्तमान में एयरटेल, जियो और वी अपने कई प्री-पेड प्लान्स के साथ अमेज़न प्राइम का सब्सक्रिप्शन फ्री में देते हैं। पर सब्सक्रिप्शन फीस बढ़ने से एयरटेल (Airtel), जियो (Jio) और वी (Vodafone Idea) के प्लान्स की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। अमेजन ने भी साफ़ कर दिया है कि जिन टेलीकॉम कंपनियों के प्लान्स के साथ अमेज़न प्राइम का सब्सक्रिप्शन फ्री में मिलता था, उन पर भी इसका असर पड़ेगा।

Amazon Prime

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Friday, October 22, 2021

Technology News: इनकी बनाई डिवाइस रोकेगी सड़क हादसे, जानिए कैसे करेगी काम

Technology News: अक्सर आपने सुना होगा ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर को नींद आने से सड़क हादसे हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए विशाखापट्टनम के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स प्रदीप वर्मा ने अपने दो दोस्तों ज्ञान साई और रोहित के साथ मिलकर ऐसी डिवाइस तैयार की, जो ऐसे हादसों को रोक सकेगी। स्टूडेंट्स का कहना है, इस डिवाइस को तैयार करने का खयाल 2017 में हुए आंध्र प्रदेश में हुए एक एक्सीडेंट से आया, जिसमें ड्राइवर के झपकी लगने पर बसों की भिड़ंत हो गई थी।

यों काम करती है डिवाइस
इस डिवाइस को ऐसी जगह पर लगाया जाता है, जहां से ड्राइवर की आंखों पर डिवाइस नजर रख सके। डिवाइस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कैमरा लगा है और यह नजर रखता है कि कहीं ड्राइवर की आंखें झपकना कम तो नहीं हुईं क्योंकि सामान्य तौर पर इंसान एक मिनट में कई बार आंखें झपकाता है। ऐसा न होने पर डिवाइस में लगा स्पीकर तेज आवाज करता है और ड्राइवर को अलर्ट करता है। इस तरह हादसे को रोका जा सकता है।

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हम इस डिवाइस का ट्रायल प्राइवेट बसों के साथ कर चुके हैं, लेकिन इसे और बेहतर बनाने में जुटे हैं, ताकि ऐसे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। इसके अलावा इंटरनेशनल स्कूल्स और स्टेट ट्रांसपोर्ट के साथ मिलकर इसकी टेस्टिंग की तैयारी की जा रही है।
-प्रदीप वर्मा

 

Tech News in Hindi

जीपीएस करता है डिवाइस को ट्रैक
यह डिवाइस इंटरनेट से कनेक्ट रहती है और जीपीएस से उस गाड़ी की लोकेशन को ट्रैक किया जा सकता है। यह सब कुछ डिवाइस से जुड़ी ऐप पर देखा जा सकता है। कैमरा फुटेज को छोड़कर ऐप की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि ड्राइवर पलकेंं तो नहीं झपका रहा है और गाड़ी की लोकेशन कहां पर है। रोहित का कहना है, यह डिवाइस ड्राइवरों के लिए बेहद काम की साबित हो सकती है।

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ज्ञान साई: आंध्र प्रदेश में हुए एक सड़क हादसे के बाद आया खयाल
रोहित : ड्राइवरों के लिए काम की साबित होगी
प्रदीप वर्मा: प्राइवेट बसों के साथ कर चुके हैं ट्रायल

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Web URL: Technology News: This device will prevent road accidents

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Monday, October 18, 2021

बीएसएनएल दे रहा है 4 महीने तक की फ्री ब्रॉडबैंड सर्विस, जानिए डिटेल्स

नई दिल्ली। भारतीय संचार निगम लिमिटेड (BSNL) भारत में सबसे पुरानी टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी है। बीएसएनएल भारतीय सरकार के अधिकृत है। बीएसएनएल 21 सालों से भारत में अपनी सेवाएं यूज़र्स को उपलब्ध करा रही है। आज के इस नए दौर में जहां दूसरी टेलीकम्यूनिकेशन कंपनियां अपने यूज़र्स को नए-नए और अच्छे प्लान्स उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में मार्केट में बने रहने के लिए बीएसएनएल के लिए भी ऐसा करना ज़रूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीएसएनएल अपने यूज़र्स के लिए एक आया ऑफर लाया है। इस ऑफर में बीएसएनएल अपने यूज़र्स को 4 महीने तक की फ्री ब्रॉडबैंड सर्विस देगा।

किस के लिए है यह ऑफर?

बीएसएनएल (BSNL) का 4 महीने तक की फ्री ब्रॉडबैंड सर्विस का ऑफर बीएसएनएल के भारत फाइबर, लैंडलाइन, डीएसएल और बीबीओ वाई-फाई यूज़र्स के लिए है।

ऑफर की शर्त

बीएसएनएल के इस ऑफर में ब्रॉडबैंड यूज़र्स को 36 महीने का भुगतान एक साथ करना होगा। इससे उन्हें 40 महीने की सर्विस मिलेगी। यानि की 36 महीने के भुगतान पर ४ महीने की फ्री सर्विस।

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Wednesday, October 6, 2021

Jio Down ट्विटर पर कर रहा ट्रेंड, यूजर्स को इंटरनेट एक्सेस करने में हो रही दिक्कत, कर रहे ऐसे कमेंट

नई दिल्ली। फेसबुक ( Facebook ) और वॉट्सऐप ( WhatApp ) आउटेज के दो दिन बाद एक बार फिर इंटरनेट यूजर्स के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई हैं। अब Reliance Jio की सर्विस डाउन हो गई है। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर जियो डाउन ( JioDown ) ट्रेंड कर रहा है।

इसको लेकर इंटरनेट आउटेज ट्रैक करने वाली साइट DownDetector ने भी रिपोर्ट किया है। जियो साइट के मुताबिक Jio इंटरनेट को लेकर आ रही दिक्कत पर 4,000 से ज्यादा रिपोर्ट्स आ चुकी हैं। देश के कई शहरों में इसको लेकर दिक्कत सामने आई है।

यह भी पढ़ेँः टेलीग्राम ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाॅट्सऐप के डाउन होने के दौरान जोड़े 7 करोड़ नए यूज़र्स

DownDetector पर मौजूद डेटा के मुताबिक जीयो नेटवर्क को लेकर आ रही दिक्कत बुधवार की सुबह 9:30 बजे से आ रही है। इसके एक घंटे के बाद ये दिक्कत को लेकर शिकायतें आना भी शुरू हो गईं।

DownDetector पर Jio को लेकर आ रही इशू में लगातार बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है। ये इस बात की ओर इशारा करती है कि इसके कनेक्टिविटी में दिक्कत आ रही है।

इन शहरों में ज्यादा परेशानी
रिपोर्ट्स में ये कहा गया है कि इसमें कनेक्टिविटी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक ये दिक्कत जियो यूजर्स के साथ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, इंदौर और रायपुर में आ रही है।

इसको लेकर कंपनी ने फिलहाल कोई बयान जारी नहीं किया है। कंपनी का ट्विटर हैंडल यूजर्स को बता रहा है कि कनेक्टिविटी में दिक्कत आ रही है।

यह भी पढ़ेंः Fairphone 4: पांच साल की वारंटी के साथ लॉन्च हुआ फेयरफोन का नया स्मार्टफोन, जानिए फीचर्स और कीमत

इसको लेकर कई यूजर्स जियो के उस ट्वीट को भी कोट कर रहे हैं जब इसने फेसबुक आउटेज के दौरान कहा था ये इंटरनेट की दिक्कत नहीं है ।



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Monday, October 4, 2021

Jio Cashback Offer: जियो के 3 प्रीपेड प्लान्स पर अब मिलेगा कैशबैक, जानिए डिटेल्स

नई दिल्ली। रिलायंस जियो (Reliance Jio) वर्तमान समय में भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। जियो के साथ इस समय सबसे ज़्यादा भारतीय यूज़र्स जुड़े हुए हैं। शुरुआत से ही जियो ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अनेक सस्ते और बेह्तरीन ऑफर्स मुहैया कराएं। इससे कुछ ही सालों में जियो ने सफलता की नई ऊंचाईयां छू ली। लेकिन काॅम्पीटिशन के इस दौर में टॉप पर बने रहना आसान नहीं है। जो कंपनी ग्राहकों को अच्छे ऑफर्स के साथ लुभाने में कामयाब होती है, ग्राहक उसी कंपनी से जुड़ जाते हैं। ऐसे में सभी टेलीकॉम कंपनियां समय-समय पर नए रिचार्ज प्लान्स और ऑफर्स लॉन्च करती रहती है। हाल ही में जियो ने एक नया ऑफर शुरू किया है। इस ऑफर से जियो के प्रीपेड यूज़र्स को कुछ चुनिंदा रिचार्ज प्लान्स पर कैशबैक मिलेगा।

All prepaid plans of Jio

क्या है यह ऑफर?

जियो (Jio) के नए कैशबैक ऑफर में यूज़र्स को कुछ चुनिंदा प्रीपेड प्लान्स से रिचार्ज करने पर 20% कैशबैक मिलेगा। यह कैशबैक यूज़र्स के अकाउंट में जमा हो जाएगा। इसका इस्तेमाल Myjio ऐप और जियो की वेबसाइट पर लॉग-इन करके अगले रिचार्ज में किया जा सकता है, जिससे कैशबैक से डिस्काउंट मिलेगा।

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किन प्रीपेड प्लान्स पर मिलेगा कैशबैक?

जियो का यह नया कैशबैक जियो के 3 प्रीपेड रिचार्ज प्लान्स पर वैलिड है। ये 3 प्रीपेड प्लान्स इस प्रकार हैं।

  • 249 रुपये वाला प्रीपेड प्लान।
  • 555 रुपये वाला प्रीपेड प्लान।
  • 599 रुपये वाला प्रीपेड प्लान।

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Saturday, October 2, 2021

मोबाइल नंबर सेव किए बिना WhatsApp से भेज सकते हैं मैसेज, जानिए क्या है तरीका

नई दिल्ली। दुनियाभर में वॉट्सएप ( WhatsApp ) के दो अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। वॉट्सएप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल एक दूसरे से चैट करने और मैसेज ( Messege ) भेजने के लिए होता है। वैसे तो इससे मैसेजिंग प्रक्रिया बेहद सरल है, लेकिन यूजर को इसके उपयोग करने में एक समस्‍या सामने तब आती है, जब वे किसी अज्ञात व्यक्ति को बिना नंबर को फोन मे सेव किए ही मैसेज भेजने की कोशिस करते हैं।

लेकिन हम आपको बताएंगे ऐसा तरीका जिसके जरिए आप अननोन यूजर का नंबर अपने मोबाइल फोन ( Mobile ) में सेव किए बिना ही उसे मैसेज भेज सकेंगे।

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कई बार कुछ मैसेज भेजने के लिए हमें अलग से कोई एप डाउनलोड करना पड़ता है। हालांकि ये तरीका कभी-कभी मुश्किल बढा़ने वाला हो सकता है क्योंकि आपके फ़ोन की गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है।

लेकिन जो तरीका हम बताएंगे उसके जरिए आपको वॉट्सएप से अज्ञात व्यक्ति को मैसेज भेजने के लिए किसी ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह ट्रिक एंड्रॉइड और आईओएस दोनों फोन के लिए उपयोगी हो सकती है।

दरअसल वॉट्सएप के एफएक्यू सेक्शन पर जिक्र किया गया है, किसी विशेष संपर्क को जोड़ने के बिना किसी नंबर पर टेक्स्ट करने का तरीका ऐप के ‘क्लिक टू चैट’ फीचर के तहत आता है। आपको केवल यह सुनिश्चित करना होगा कि बिना सहेजे गए नंबर में वॉट्सएप रजिस्टर्ड है।

यह फीचर डेस्कटॉप यूजर्स के लिए वॉट्सएप वेब पर और फोन एप दोनों पर काम करता है।

इस तरीके का करें इस्तेमाल
- सबसे पहले आपको उस नंबर के लिए एक वॉट्सएप लिंक बनाना होगा जो आपको उनके साथ चैट शुरू करने की अनुमति देगा।
- लिंक पर क्लिक करने से व्यक्ति के साथ एक चैट अपने आप खुल जाती है।
- लिंक बनाने के लिए आपको क्रोम या कोई और ब्राउजर खोलना होगा
- इसमें वेब एड्रेस https://ift.tt/37NveV3 पर जाना होगा
- इस लिंक पर दिए गए खाली बॉक्‍स को भरना होगा
- इसमें देश और क्षेत्र कोड के साथ अंतिम भाग को पूर्ण संख्या से बदलें, लेकिन + या – या () या 00 के उपयोग के बिना
उदाहरण के लिए, यदि आप भारत में +911234567890 नंबर के साथ चैट करना चाहते हैं, तो आप URL पर जाएंगे: https://ift.tt/3om0vY6 ऐसा लिखेंगे।
- इसके बाद आप ब्राउजर का URL टाइप करें और आपको नीचे एक बड़ा हरा संदेश आइकन वाला वेब पेज मिलेगा।
- इस पर टैप करने से आपके व्हाट्सएप में उस फोन नंबर के साथ बातचीत खुल जाती है।

एक तरीका ये भी
वर्तमान में यह तरीका सिर्फ एंड्रॉइड फोन पर काम करता है। आपको बस अपने फोन के कीपैड पर नंबर टाइप करना होगा, साथ में कंट्री कोड और उसके पहले प्लस साइन, जैसे +911234567890।

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नंबर टाइप करने के बाद कीपैड पर ही उसे सेलेक्ट करें। एक बार जब आप संख्या का चयन कर लेते हैं, तो आपको कई विकल्प मिल सकते हैं कि आप इस नंबर के साथ क्या करना चाहते हैं।

तत्काल विकल्प कॉल, कट, कॉपी और पेस्ट दिखाते हैं, लेकिन यदि आप उपरोक्त विकल्पों के नीचे दिए गए तीन ड्रॉप-डाउन बटनों का और पता लगाते हैं, तो आपको और विकल्‍प मिलेंगे। वॉट्सएप पर क्लिक कर, आप एप पर चैट करना शुरू कर सकते हैं।



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